पानी की टंकी से आवाज दी, तब सुनी अधिकारियों ने
हल्द्वानी। सुराज दल पदाधिकारी मांगों को लेकर 10 बजे ब्लॉक ऑफिस पहुंचे। घंटा भर इंतजार किया मगर खंड शिक्षा अधिकारी नहीं पहुंची। तय किया कि बुद्ध पार्क में प्रदर्शन करेंगे। बुद्ध पार्क पहुंच वहां प्रदर्शन शुरू किया तब भी किसी अधिकारी ने तवज्जो नहीं दी तो अधिकारियों को बुलाने के लिए सुराज दल के प्रदेश अध्यक्ष आखिरकार बुद्ध पार्क के पास ही जल संस्थान की पानी की टंकी में चढ़ गए। तब जाकर अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामला शांत हुआ।
सुराज सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी संगठन के अन्य पदाधिकारियों व कुछ महिलाओं के साथ बीडीओ निर्मला जोशी को ज्ञापन देने के लिए शनिवार की सुबह 10 बजे उनके कार्यालय पहुंचे थे। उनकी मांग थी कि नंदा देवी कन्या धन योजना में पूर्ववर्ती नियमों को लागू करते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द योजना के तहत लोगों को लाभ के निर्देश जारी हों। उनके मुताबिक ज्ञापन देने की सूचना एक दिन पहले ही पुलिस, प्रशासन को दे दी गई थी। आरोप है कि घंटा भर इंतजार करने पर भी बीडीओ नहीं पहुंची। फिर उन्होंने बुद्ध पार्क में प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहां भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। आक्रोशित होकर प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी दोपहर करीब 1:30 बजे जल संस्थान परिसर में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। हंगामा बढ़ता देख सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह और बीडीओ निर्मला जोशी मौके पर पहुंचे। काफी देर फोन पर बातचीत के बाद दोपहर बाद 2:55 बजे प्रदेश अध्यक्ष व जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट टंकी से नीचे उतरे और ज्ञापन सौंपा। पूरे प्रकरण के दौरान कोतवाली पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
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चौकी पहुंचे, तब गूल का अतिक्रमण तुड़वाया तहसीलदार ने
हल्द्वानी। मानपुर पश्चिम के ग्रामीणों ने यातायात नगर चौकी का घेराव किया। ग्रामीण धीरज नेगी ने कहा कि छड़ायल गांव के
रहने वाले एक व्यक्ति ने मानपुर
पश्चिम में एक प्लाट खरीदा है। प्लाट की ऊंचाई बढ़ाने और उसके करीब से सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए गांव के खेतों तक पानी पहुंचाने वाली गूल पर प्लाट स्वामी ने
लेंटर डालकर कब्जा कर लिया। इसकी शिकायत जब सिंचाई विभाग के जेई से की गई तो अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात बताकर जेई ने पल्ला झाड़ लिया। शिकायत सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह से की गई। मामले की सुनवाई में होने वाली देरी के चलते ग्रामीणों ने चौकी पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने नक्शा देखने के बाद गूल पर हुए निर्माण को अवैध बताया और लेंटर को तुड़वाकर ग्रामीणों को शांत कराया।