हल्द्वानी।नैनीताल के बहुचर्चित दुष्कर्म मामले में महिला चिकित्साधिकारी को सहआरोपी बनाने पर चिकित्सकों ने कड़ा रोष जताया। प्रादेशिक चिकित्सा सेवा संवर्ग शाखा की बैठक में डॉक्टरों ने मामले में महिला डॉक्टर की ओर से पीड़िता के साथ संवेदनशीलता पूर्ण व्यवहार करने के बाद भी घटना के मुख्य आरोपी के समकक्ष व्यवहार किये जाने पर घोर निंदा की।
शाखा अध्यक्ष डाॅ. चंचल सिंह मार्छाल की अध्यक्षता में बेस अस्पताल के सभागार में बैठक हुई। इसमें डॉक्टरों ने कहा कि पुलिस प्रशासन के इस रवैये से सभी चिकित्सकों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। बैठक में पुलिस प्रशासन एवं विभागीय उच्चाधिकारियों से वार्ता कर महिला चिकित्साधिकारी का नाम आरोप पत्र से हटाने का प्रस्ताव पारित किया। बैठक में डाॅ. विनिता साह, डाॅ. केएस दताल, डॉ. वीके गड़कोटी, डाॅ.आरएस सामंत, डाॅ. पकंज नेगी, डाॅ. उषा जंगपांगी, डाॅ. उषा भट्ट, डाॅ.एसएस कुंवर आदि मौजूद रहे।
परिस्थितियों से सामंजस्य बनाकर कार्य करने की अपील
बैठक में सरकारी डॉक्टरों की ओर से वर्तमान परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाते हुए कार्य करने की अपील भी की गई ताकि स्वास्थ्य विभाग की छवि एवं कार्यप्रणाली आम जनता में अच्छी बनी रहे। चिकित्सकों ने मरीजों के हित में सदैव पूरी कर्तव्य परायणता से कार्य करने की शपथ भी ली। वरिष्ठ पत्रकार अजित अंजुम की ओर से सरकारी अस्पताल में सकारात्मक अनुभव सांझा करने पर उनका आभार जताया।