हल्द्वानी में 25 से 30 माह में रकम दोगुनी करने का लालच देते हुए देवलचौड़-आनंदा एकेडमी रोड स्थित जीएसएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड कंपनी के सीईओ और निदेशकों ने लोगों से 35 करोड़ से ज्यादा की धनराशि निवेश कराई। जब निवेशकों ने पैसे मांगे तो वह टरकाने लगे। पीड़ित मुखानी के पार्थ पराशर की तहरीर पर हल्द्वानी कोतवाली में कंपनी के सीईओ विमल रावत और उसकी निदेशक पत्नी रूबी रावत के साथ ही एक अन्य निदेशक अनूप कंडारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पार्थ पराशर निवासी कपिल काॅलोनी बड़ी मुखानी ने हल्द्वानी कोतवाली पुलिस से कहा कि जीएसएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के नाम से फाइनेंस कंपनी संचालित है। इसके सीईओ विमल रावत, निदेशक रुबी रावत और अनूप कंडारी हैं। तीनों लोगों ने उन्हें कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दो किस्तों में दस लाख रुपये आरोपियों के बताए खातों में डाले। इसके बदले उन्हें एक एग्रीमेंट पेपर भी दिया गया।
इसमें उल्लेख था कि हर माह मूलधन का चार प्रतिशत और ब्याज का चार प्रतिशत उन्हें दिया जाएगा। शुरुआत कुछ महीनों तक कंपनी ने 1.90 लाख रुपये दे भी दिए लेकिन बाद में बची रकम देने में कंपनी के सीईओ व अन्य आनाकानी करने लगे।
तकादा करने पर उन्होंने फोन बंद कर लिए। कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि तहरीर के आधार पर सीईओ, उसकी पत्नी व एक अन्य निदेशक के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
प्रकरण गंभीर है। कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही पुलिस को तेजी से विवेचना करने का निर्देश दिया गया है। जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
- मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी