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Nainital News: कारागार की सलाखों से निकले मर्यादा के कलाकार

Wed, 21 Oct 2026 12:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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हल्द्वानी। सलाखों के पीछे जिंदगी, अतीत पर आरोपों का बोझ और मंच पर मर्यादा के किरदार। दशहरे पर हल्द्वानी उपकारागार में एक ऐसा दृश्य दिखा जहां अपराध के आरोपों में घिरीं महिलाओं ने रामायण के पात्रों में ढलकर अपनी अभिनय प्रतिभा का परिचय दिया। हत्या, तस्करी, हनी ट्रैप और देह व्यापार समेत विभिन्न मामलों में बंद महिला बंदियों ने रामलीला का मंचन कर सत्य, त्याग और सदाचार का संदेश दिया। किसी ने रामायण के पात्र के संवादों को स्वर दिया तो किसी ने भाव-भंगिमाओं से चरित्र को जीवंत किया। कारागार में सजे इस मंच ने दिखाया कि कला और संस्कृति कभी कैद नहीं हो सकती है।
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हत्या समेत विभिन्न मामलों में बंद महिलाओं ने निभाए किरदार
हल्द्वानी उपकारागार में आयोजित रामलीला में हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी, हनी ट्रैप, देह व्यापार, पॉक्सो एक्ट और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम से जुड़े मामलों में बंद महिला कैदी-बंदियों ने रामायण के विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाई। आयोजन में शामिल हुईं नौ महिलाएं हत्या और दो महिलाएं मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में सलाखों के पीछे हैं। हनी ट्रैप, पॉक्सो, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और देह व्यापार से जुड़े मामलों में बंद एक-एक महिला ने भी पात्रों का मंचन किया।

प्रधान बंदी रक्षक ने दो माह दी तालीम
हल्द्वानी जेल में महिला रामलीला का यह दूसरा साल था। प्रधान महिला बंदी रक्षक रिंकी और बंदी रक्षक आरती ने महिला कैदी बंदियों को दो माह तक तालीम दी। इसकी पूरी निगरानी महिला डिप्टी जेलर नीलम धामी ने की।
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मंचन के दौरान निकाली गईं झांकियां
हल्द्वानी जेल में मंगलवार को रामलीला मंचन के दौरान मनमोहक झांकियां भी निकाली गईं। जेल प्रशासन ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जागरण करने वाले कलाकारों को बुलाया गया था। उन्हीं ने राम, सीता, हनुमान, शंकर, पार्वती समेत अन्य देवी देवताओं की झांकियां निकाली।

जेल में इस तरह के धार्मिक आयोजन कैदी-बंदियों के सामाजिक जीवन को बेहतर करने के लिए जरूरी हैं। जिन अपराधों में उनकी संलिप्तता रही या जो उन्होंने किए, यहां से निकलने के बाद उनके सामाजिक, आर्थिक और मानसिक स्तर में सुधार की गुंजाइश रहती है। महिला कैदी-बंदियों ने बेहतर प्रस्तुति दी। इसकी जेल मुख्यालय से भी प्रशंसा हुई है। - प्रमोद पांडे, जेल अधीक्षक, हल्द्वानी उप कारागार
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