हल्द्वानी। पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सोशल मीडिया में उनके खिलाफ चल रहे समाचार को झूठा बताया है। उन्हाेंने कहा कि नैनीताल स्थित पार्वती प्रेता जगाती सरस्वती विहार सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल व उसकी शिक्षण शाखाओं के लिए सीएसआर फंड से सहयोग लिया था।
बता दें कि मुंबई के एक आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर एक स्कूल के नाम पर अनंत अंबानी से 15 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया था। इस पर सफाई देते हुए पूर्व राज्यपाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि गलगली ने प्रचार किया कि मैंने अपनी शिक्षण संस्था के लिए अनंत अंबानी से 15 करोड़ का चंदा लिया है।
पत्र में कोश्यारी ने कहा है कि मेरी कोई शिक्षण संस्था नहीं है। मुंबई राजभवन में अनंत अंबानी से कुछ देर के लिए भेंट हुई। मैंने अंबानी से अखिल भारतीय शिक्षण संस्था विद्या भारती की ओर से नैनीताल स्थित पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल व उसकी शिक्षण शाखाओं के लिए सीएसआर फंड से सहयोग की अपील की। अंबानी ने तत्काल इस शिक्षण संस्था के लिए 15 करोड़ का दान सीएसआर फंड से कर दिया। उन्हाेंने कहा कि इस संस्था में मेरे अथवा मेरे परिवार का कोई भी सदस्य नहीं है। आईटीआई कार्यकर्ता ने उनके सम्मान को गहरी चोट पहुंचाई है। वह इस मामले में कानूनी परामर्श ले रहे हैं।