हल्द्वानी। बहरीन में हुई तीसरी एशियन यूथ ओलंपिक चैंपियनशिप के मुए थाई में मेघालय की 17 वर्षीय अल्फोंसा जिनिया व्रियांग ने भारत के लिए पहला पदक जीता था। 12वीं की छात्रा अल्फोंसा गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में राष्ट्रीय यूथ मुए थाई चैंपियनशिप में भाग लेंगी। वह अगले वर्ष मेघालय में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी में भी जुटी हैं।
अल्फोंसा ने वर्ष 2019 में खेल की शुरुआत की थी। अब तक वह चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। उनके पिता शिक्षक प्रोतासियस मावलॉन्ग ने अपनी तीनों बेटियों को आत्मरक्षा और आत्मविश्वास के लिए इस खेल से जोड़ा। उनकी मां डायमंड व्रियांग ने भी बेटियों को प्रोत्साहित किया।
अल्फोंसा ने बताया कि जब उन्होंने भारत के लिए पहला पदक (कांस्य) जीता तो वह उनके जीवन का सबसे भावनात्मक क्षण था। यह मुकाबला उनके जीवन का सबसे कठिन मुकाबला और जीवन का सबसे यादगार जीत थी। उसका सपना है कि मुए थाई खेल ओलंपिक में शामिल हो और वह भारत का प्रतिनिधित्व करे।