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चुनावी बयार में हवा हुए स्थानीय मुद्दे

Fri, 10 Feb 2017 12:34 AM IST
नाजिम मिकरानी
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चुनाव - फोटो : file
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‘क्या पूछते हो हाल मेरे कारोबार का, आईने बेचता हूं अंधों के शहर में।’ किसी शायर की कही ये पंक्तियां आज भी मौजूद हैं राजनीतिक माहौल में। जरूरत इससे खबरदार रहने की है। बात जब अल्पसंख्यकों की आती है तो राजनेताओं का यह चरित्र कुछ ज्यादा ही उभरकर सामने आता है। सिर्फ  वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करना और फिर वादे से मुकर जाना, यह राजनेताओं की नीयत और अल्पसंख्यक समुदाय की नियति हो गया है।
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चुनाव प्रचार अब अंतिम दौर में है। हल्द्वानी सीट पर अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण सभी प्रत्याशियों की नजर बनभूलपुरा पर है। हर बार की तरह इस बार फिर ज्वलंत समस्याएं और प्रमुख मुद्दे किनारे कर दिए गए।

चुनाव सिर्फ धर्म और जाति की ओर मुड़ता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस सेक्युलरिज्म के जरिए वोट अपने पक्ष में करने की कोशिश में है तो सपा इसे अपना परंपरागत वोट मानते हुए पूरा हक जता रही है। बसपा दलित-मुस्लिम गठजोड़ से नैया पार करने की जद्दोजहद में है।
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इस सबके विपरीत भाजपा की नजर मुस्लिम वोटों के बिखराव पर है, क्योंकि बसपा और सपा जितना वोट खींचेंगी, भाजपा को इसका सीधा लाभ मिलेगा। चुनावी हथकंडों के बीच आम जनता की समस्याएं और प्रमुख मुद्दे गौण हो गए हैं।

बनभूलपुरा में सीवर लाइन बिछाने और महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग लंबे समय से उठ रही थी। बाइपास पर कूड़ा डालने का विरोध इंदिरा नगर की टीम जोर-शोर से कर रही थी। कुछ युवाओं ने बाकायदा बनभूलपुरा संघर्ष समिति का गठन कर क्षेत्रीय मुद्दों को हवा दी, लेकिन चुनाव करीब आते ही ये सब मुद्दे कहीं खो गए।

बिजली विभाग से सेवानिवृत्त आजाद नगर निवासी उमर सिद्दीकी का कहना है कि क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान सबसे ज्यादा जरूरी है। जहां तक सरकारी योजनाओं की बात है तो अल्पसंख्यकों के जरूरतमंद वर्ग तक इन योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता है। इनके क्रियान्वयन में बहुत सी खामियां हैं, उन्हें दूर किया जाना जरूरी है।

पूर्व प्रधानाचार्या रूबीना अंजुम का कहना कि महिलाएं कभी चुनावी मुद्दा नहीं बनतीं। उनकी सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक स्तर में सुधार को लेकर नेता कभी गंभीर नहीं दिखते हैं। आज चुनाव केवल जाति, धर्म के आधार पर ही सिमटकर रह गया है। इससे वोटों का ध्रुवीकरण होता है और योग्य प्रत्याशी पिछड़ जाता है।
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