हल्द्वानी। अग्निपथ योजना के विरोध प्रदर्शन में शामिल युवाओं के खिलाफ पुलिस ने क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। उन पर राहगीरों से अभद्रता करने और अधिकारियों से धक्का-मुक्की करने का आरोप है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की तलाश शुरू कर दी है।
हल्द्वानी में शुक्रवार को सैकड़ों युवकों का हुजूम सड़क पर उतर आया था। युवाओं को अधिकारी काफी देर बातचती कर समझाने का प्रयास करते रहे लेकिन उसके बाद लाठीचार्ज कर दिया गया। पुलिस ने 57 युवाओं को पकड़कर मुचलका पाबंद करके छोड़ दिया था। अब करीब 400 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वादी बने कोतवाल हरेंद्र चौधरी ने तहरीर में कहा कि जब पुलिस एवं प्रशासन की टीम विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत रामलीला मैदान पहुंची तो वहां 100 से 150 युवकों का गुट मुख्य सड़क की ओर आ रहा था जिसे ओके होटल के समीप रोक लिया गया। युवकों को समझाने का प्रयास किया गया तो उनमे से एक गुट उग्र होकर मटर गली से होते हुए वर्कशॉप लाइन की ओर चला गया जिनके साथ पुलिस व प्रशासन की टीम भी पीछे-पीछे गई। तिकोनिया चौराहे पर 300 से 400 युवाओं ने नैनीताल मुख्य राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे मुख्य मार्ग पर आने-जाने वाले राहगीरों, एंबुलेंस, मरीजों व उनके तीमारदारों का रास्ता अवरुद्ध हो गया। इस दौरान भीड़ ने वहां मौजूद सरकारी संपत्ति गमले, सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। साथ ही आने जाने वाले राहगीरों से अभद्रता करने का भी आरोप पुलिस ने लगाया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाते हुए उनके चोटिल होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों के छोटे-छोटे गुटों में बंटकर नैनीताल रोड मुख्यमार्ग, वर्कशाप लाइन, नवाबी रोड, ठंडी सड़क की ओर दौड़कर सरकार विरोधी नारे लगाने और अफरा-तफरी मचाते हुए भय का माहौल उत्पन्न करने का आरोप भी लगाया गया है।
एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर 300 से 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 147/149/332/342/353/427/504 भादवि व 07 क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।