हल्द्वानी। कोरोनाकाल खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए मायूसी भरा साबित हुआ। लगभग दो साल तक खेल गतिविधियां बंद रहीं। खेल इस कदर प्रभावित हुए कि गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को कोविड संक्रमण के चलते कोविड अस्पताल और मिनी स्टेडियम को वैक्सीनेशन सेंटर बनाना पड़ गया। भविष्य को लेकर खिलाड़ियों का मनोबल भी टूटने लगा। हालांकि खिलाड़ियों ने अच्छे समय का इंतजार किया और पाबंदियां हटीं तो फिर से प्रैक्टिस शुरू कर दी। कोरोनाक़ाल के बाद पिछले 10 महीनों के भीतर राज्य स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में हुए। इन प्रतियोगिताओं में कुमाऊं के खिलाड़ियों ने भी भाग लिया और शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। लक्ष्य सेन और दीपक जोशी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाप छोड़ी।
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प्रमुख प्रतियोगिताएं और उपलब्धियां
- मई में हुए थॉमस कप में जीत का परचम लहराने वाली टीम में उत्तराखंड के बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन भी थे।
- 9 अगस्त को राष्ट्रमंडल खेलों में बैडमिंटन में अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का चौथा खिलाड़ी होने का गौरव प्राप्त किया।
- 19 से 21 अगस्त के बीच गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर की सब जूनियर कुश्ती (ग्रेपलिंग) प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से 1000 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। इसमें उत्तराखंड के खिलाड़यों ने 10 गोल्ड समेत 25 पदक जीते।
- अगस्त में पंचायत स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं और ग्रामीण स्तर की प्रतिभाओं को खेलों में भाग लेने का अवसर मिला।
- इसी वर्ष गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में संतोष ट्राफी फुटबाल टूर्नामेंट हुआ।
- नौ माह पहले भुवनेश्वर में हुए जूनियर हॉकी विश्वकप के लिए गोविंदपुर गढ़वाल हल्द्वानी निवासी दीपक जोशी अंपायर नियुक्त हुए।
- सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्राफी के लिए उत्तराखंड की 20 सदस्यीय टीम बनी जिसमें हल्द्वानी के चार खिलाड़ी पीयूष जोशी, सौरभ रॉवत, वैभव भट्ट, दीक्षांशु नेगी शामिल रहे।
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खिलाड़ियों को ऊंची उड़ान के लिए पंख की तरह काम करेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
हल्द्वानी। 70 एकड़ में 172 करोड़ की लागत से गौलापार में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम बना। अब स्टेडियम को खेल विभाग को हस्तांतरित भी कर दिया गया है। उम्मीद है कि यह स्टेडियम खिलाड़ियों को ऊंची उड़ान भरने में मदद करेगा।
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से करीब ढाई किमी दूर गौलापार में अंतरराष्ट्रीय स्पोट्स स्टेडियम की आधारशिला वर्ष 2014 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत और वित्त मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने रखी थी। निर्माण 2015 में शुरू हुआ था। तब इसे करीब 70 एकड़ में तैयार किया जाना था 19 दिसंबर 2016 को सीएम हरीश रावत ने कैबिनेट मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश और मंत्रिमंडल के सदस्यों के बीच स्टेडियम का लोकार्पण भी किया। 2017 में स्टेडियम का निर्माण पूरा होना था लेकिन निर्माणदायी नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से काम अक्तूबर 2018 तिथि तय की गई और फिर इसकी तिथि मार्च 2019 तक बढ़ा दी गई। उसके बाद स्टेडियम दिसंबर 2021 में पूरा हो सका, लेकिन एथलेटिक्स स्टेडियम छात्रावास के लिए जमीन न मिलने के कारण स्टेडियम का निर्माण करीब 40 एकड़ में पूरा हुआ।
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जो काम अभी अधूरा रह गया..
सहायक खेल अधिकारी सुरेश पांडे का कहना है कि कुछ खेलों की शुरुआत हो गई है। स्विमिंग पूल पहले ही शुरू हो गया था। क्रिकेट स्टेडियम में घास की कटाई का काम शुरू हो गया है जिसके बाद जल्द क्रिकेट शुरू हो सकेगा। हालांकि मल्टीपर्पज हाल, बैडमिंटन इंडोर हाल में फ्लोरिंग का काम और लर्निंग पूल और डाइविंग पूल का काम पूरा होने में कुछ माह और लगेंगे।