हल्द्वानी। होली के बाद रविवार को ट्रेन व बसों से लौटने का क्रम शुरू हो गया है। काठगोदाम से चलने वाली दून, संपर्क क्रांति, लखनऊ एक्सप्रेस, शताब्दी, रानीखेत एक्सप्रेस में यात्रियों की भीड़ रही। रोडवेज में भी यात्री उमड़ने पर हल्द्वानी से 56 बसें दिल्ली रूट पर चलाई गईं। यात्रियों की संख्या अधिक होने पर रोडवेज प्रबंधन ने गुरुग्राम, फरीदाबाद और दून के लिए भी बसें चलाई गईं।
हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो ने रविवार को क्रमश: 33 व 22 बसें दिल्ली रूट पर चलाईं। इस रूट पर यात्री अधिक रहे। अमूमन एक घंटे में भरने वाली बस आधे घंटे से पहले ही फुल हो गईं। इनमें ऑनलाइन बुकिंग वाली वॉल्वाे व एसी जनरथ बस सेवा भी शामिल हैं।
जाम में फंसे सात यात्रियों की छूट गई बस
रविवार को दिल्ली जाने वाले मां-बेटी समेत सात यात्रियों की बस छूट गई। इन लोगों ने दोपहर 12:30 बजे और दोपहर 1:30 बजे वाली वाल्वो बस में सीटें बुक कराई थीं। रोडवेज से मिली जानकारी के अनुसार इनमें अधिकतर यात्री कैंची व भवाली के बीच लगे जाम में फंसे रहे। इस बीच एक महिला यात्री ने हल्द्वानी एआरएम संजय पांडे से मिलकर टिकट राशि रिफंड कराने की मांग की। एआरएम ने फोन पर संपर्क करने वाले यात्रियों को दूसरी बस से गंतव्य के लिए रवाना करने का आश्वासन दिया।
पहाड़ों से 50 बसों में लौटे यात्री
हल्द्वानी से चलने वाली केमू बसों में भी रविवार को पर्वतीय जिलों से लौटने वाले यात्रियों की भीड़ रही। यूनियन के अध्यक्ष सुरेश डसीला ने बताया कि यहां से पहाड़ जाने वाले यात्री ज्यादा नहीं रहे लेकिन वापसी में 50 बसें भरकर आईं। इनमें अधिकतर दिल्ली समेत बाहरी राज्यों में नौकरी-पेशा वाले लोग शामिल रहे।
साढ़े छह घंटे में 45 किमी जा सकी बस
हल्द्वानी से सुबह 8:30 बजे चली रोडवेज बस जाम में फंसी रह गई। डिपो इंचार्ज इंदिरा भट्ट ने बताया कि जौरासी जा रही बस दो बजे कैंची से निकली। भवाली से रातीघाट तक लगे जाम के कारण रोडवेज बस 6:30 घंटे में 45 किमी का ही सफर कर पाई। जाम के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देर शाम बस जाैरासी पहुंच सकी।