पाडली की पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे के ढेर को हटाने के बाद आखिरकार सोमवार को भवाली-अल्मोड़ा एनएच को वाहनों को आवाजाही के लिए खोल दिया गया। पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों को देखते हुए प्रशासन ने एनएच में शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित रखा है। सोमवार को सड़क खुलने के बाद बीते चार दिनों से खैरना गरमपानी में फंसे भारी वाहन अपनी मंजिल को रवाना हो गए।
बता दें कि बीती एक जुलाई को पाडली की पहाड़ी से लगातार पत्थर, बोल्डर और मलबे के गिरने के कारण कैंची में एनएच अवरुद्ध हो गया था। कई वाहन रास्ते में ही फंसे रहे। हालांकि प्रशासन ने उसी दिन मौके पर जेसीबी लगाकर सड़क पर गिरे मलबे को हटवा दिया था, लेकिन उसी शाम को फिर बोल्डर और पत्थर गिरने लगे। जिनकी चपेट में आकर इनोवा कार के खाई में गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद प्रशासन ने एनएच पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी थी। तभी से हल्द्वानी से अल्मोड़ा, रानीखेत और पिथौरागढ़ को जाने वाले वाहन क्वारब और नथुवाखान होकर आ जा रहे थे।
सोमवार को मौसम ने साथ दिया और सुबह से काम पर जुटे मजदूरों ने जेसीबी की मदद से दोपहर दो बजे तक कैंची में लगे मलबे और पत्थरों के ढेर को पूरी तरह हटाकर यातायात बहाल कर दिया। इस दौरान कोश्या कुटौली के एसडीएम प्रमोद कुमार समेत भवाली और खैरना के पुलिस अधिकारी मौके पर थे। एनएच में यातायात सामान्य होते ही खैरना, गरमपानी और रातीघाट में चार दिन से फंसे ट्रक और टैंकर आदि अपने गंतव्य को रवाना हो गए। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि पाडली की पहाड़ी से पत्थरों के गिरने की स्थिति को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर एनएच में शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है।