अमित गौलापार के ही सुल्ताननगरी के सरकारी स्कूल में कक्षा पांचवीं का छात्र था। मौसम के अलर्ट के कारण सोमवार को स्कूल में अवकाश था। सुबह पढ़ाई करने के बाद वह घर में ही खेल रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सोमवार को स्कूल खुला होता तो अमित जीवित होता।
नहीं हो सका पोस्टमार्टम
अमित का धड़ मंगलवार दोपहर में कागजी प्रक्रिया पूर्ण कर मोर्चरी लाया गया। शाम तक पोस्टमार्टम करना था लेकिन सिर न मिलने की वजह से बाकी प्रक्रिया रुक गई। अब इसका पोस्टमार्टम बुधवार को कराने की संभावना जताई जा रही है।
हत्या के बाद यहीं गाड़ा गया था मासूम अमित का धड़।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल के आसपास और गोशाला से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस को मौके से मासूम की चप्पल व खून से सने कपड़े भी मिले हैं। पुलिस अमित के सिर और हाथ को नहर या नाले में फेंकने को लेकर भी जांच कर रही है।
15 साल से गौलापार में रहते हैं खूबकरण
यूपी के बरेली निवासी बंटाईदार खूबकरण करीब 15 साल पहले गौलापार आए थे। वह यहां झोपड़ी में पत्नी पुष्पा और दो बेटों अमित व अर्चित के साथ रहते थे। उनकी बेटी अपनी बुआ के यहां रहती है। खूबकरण के बड़े भाई का परिवार भी यहीं बंटाई का काम करता है।