फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

11 साल बाद 28 पदों के लिए निकाली भर्तियां

Mon, 22 Feb 2016 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
विज्ञापन
विज्ञापन
20 बच्चों पर एक उर्दू शिक्षक की तैनाती का दावा करने वाली प्रदेश सरकार ने राज्य भर में मात्र 28 उर्दू शिक्षकों के पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की है। इससे उर्दू शिक्षक बनने की आस लगाए हजारों उर्दू प्रशिक्षित बेरोजगार मायूस हो गए हैं। प्रदेश में 2005 में उर्दू शिक्षकों की भर्ती हुई थी। उसके बाद समय-समय पर दावे और लुभावने वादे तो किए गए, लेकिन इस ओर कभी कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन


जबकि बीते साल कैबिनेट ने भी उर्दू शिक्षकों और उर्दू अनुवादकों की भर्ती पर मोहर लगा दी थी। अब 28 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की गई है, जिनमें कुमाऊं के छह जिलों में मात्र नौ शिक्षकों के पद हैं, जबकि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र ऊधमसिंह नगर में शून्य। सूत्रों की मानें तो केवल नैनीताल जिले में ही 50 से अधिक उर्दू शिक्षकों के पद खाली हैं।

 इस लिहाज से प्रदेश भर में सैकड़ों पद हैं। विज्ञप्ति के अनुसार देहरादून में नौ, हरिद्वार में पांच, नैनीताल में चार, पौड़ी में तीन, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में दो-दो, बागेश्वर में एक उर्दू शिक्षक की जरूरत है। ऊधमसिंह नगर, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी और चंपावत में कोई पद रिक्त नहीं है। ऐसे में वर्षों से उर्दू शिक्षक बनने की आस लगाए प्रदेश के हजारों बेरोजगारों के सपने धराशाई हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें