सशस्त्र बल अधिकरण (आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल) क्षेत्रीय खंडपीठ लखनऊ (उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड) के सहयोग से शुक्रवार को नैनीताल क्लब में एएफटी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. चेत नारायण सिंह की अध्यक्षता में पत्रकार वार्ता हुई।
वार्ता में सशस्त्र सेना बल न्यायाधिकरण क्षेत्रीय खंडपीठ लखनऊ (उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) के विभागाध्यक्ष न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह व लेफ्टिनेंट जनरल ज्ञान भूषण ने कहा कि 2009 में स्थापित यह अधिकरण भारतीय सैनिकों की सेवा संबंधी विवादों का निस्तारण शीघ्रता से करने के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि अधिकरण में कोर्ट मार्शल से संबंधित गंभीर विवादों के अलावा सेना के अधिकारियों व सैनिकों से संबंधित पेंशन, सेवा संबंधी मामले, सैनिकों के पारिवारिक विवादों का निस्तारण जल्द किया जा रहा है।
अधिकरण की सर्किट बैंच नैनीताल क्लब में 15 से 19 मई तक लगाई गई, जिसमें 90 सूचीबद्ध विवादों में से 35 वादों का निस्तारण किया गया। दूरस्थ आंचल के पूर्व सैनिक व वर्तमान सैनिकों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए न्याय मित्र की व्यवस्था की गई है।
ज्ञान भूषण ने बताया कि पेपर लेस व्यवस्था पर अधिक बल दिया जा रहा है। कहा कि सभी वादों का ऑनलाइन होने से न्यायालयों में विभागीय कार्य व दस्तावेजों का उचित रखरखाव हो सकेगा। वार्ता में अधिकरण के निबंधक लेफ्टिनेंट कर्नल सीमित कुमार, उत्तराखंड हाइकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह रावत, भानु प्रताप सिंह, रमेश चंद्र शुक्ला, अमित शर्मा, कमल बिष्ट, मुकेश शर्मा व ललित कुमार आदि मौजूद थे।