नैनीताल। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश/प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत ने मकान दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर दस लाख की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।
अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि 13 दिसंबर 2020 को केशर सिंह मेहरा निवासी मालवीय नगर, नई दिल्ली ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि उन्होंने 23 नवंबर 2019 को सुमेर अरोरा और सोनिया वालिया निवासी हाडी माडी नैनीताल से एक आवासीय मकान का 30 लाख रुपये में करार किया। उन्होंने सुमेर और सोनिया को 10 लाख रुपये बयाना दिया।
कहा कि इसके बाद उन्होंने कई बार सुमेर और सोनिया से मकान की रजिस्ट्री कराने को कहा, लेकिन वह टालमटोल करते रहे। छानबीन में पता चला कि सुमेर अरोरा और सोनिया अरोरा उस मकान को पूर्व में किसी अन्य को बेच चुके हैं। आरोप है कि 10 दिसंबर 2020 को 10 लाख रुपये वापस मांगने पर सुमेर ने केशर सिंह के साथ गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस ने सुमेर अरोरा और सोनिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
बृहस्पतिवार को बचाव पक्ष की ओर से दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी न्यायालय में पेश की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील शर्मा ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश प्रीतू शर्मा ने दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।