कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाकर कमाई का खेल चला रहे होटल और होम स्टे संचालकों पर प्रशासन का डंडा चला है। शिकायतों और ओवर-रेटिंग की खबर के बाद हुई कार्रवाई में 26 इकाइयां कार्रवाई की जद में आईं जिनमें से22 पर जुर्माना लगाया गया। दो सील और चार को नोटिस थमाया गया। जांच में कहीं रेट लिस्ट गायब मिली तो कहीं पंजीकरण के बिना ही कमरे चल रहे थे।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या के नेतृत्व में गठित टीम की बुधवार को कैंची धाम क्षेत्र पहुंची । यहां जांच में सामने आया कि कई प्रतिष्ठानों में रेट लिस्ट तक प्रदर्शित नहीं की गई थी। कुछ संचालक पंजीकृत कमरों से अधिक कमरे चला रहे थे जबकि कुछ इकाइयां बिना पंजीकरण के ही संचालित होती मिलीं। यानी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच नियमों को ताक पर रखकर कारोबार चलाने का खेल खुलेआम चल रहा था।
नियमों से खिलवाड़ कर रहे 26 होटल और होम स्टे संचालक कार्रवाई की जद में आए। इनमें 22 इकाइयों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया जबकि गंभीर अनियमितता व बिना पंजीकरण संचालन मिलने पर दो होम स्टे को तत्काल सील करने के निर्देश दिए गए। चार संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अमर उजाला ने खोली थी ओवर-रेटिंग की पोल
दो होम स्टे पर सील की तलवार
गंभीर अनियमितताओं और बिना पंजीकरण संचालन पाए जाने पर हर्षित तिवारी होम स्टे और मारुति होम स्टे का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं मिलने पर हेमंत कुमार मेहता, कांसा माउंटेन, गिरी राज किशोर गुप्ता और विवेक कुमार शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनसे निर्धारित समय में जवाब मांगा गया है।
इन पर लगा 10 हजार रुपये का जुर्माना
पर्यटकों और श्रद्धालुओं का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद के सभी क्षेत्रों में होटलों और होम स्टे का औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेगा और गड़बड़ी मिलने पर सीधे सील व मुकदमे की कार्रवाई की जाएगी।