विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) प्रीतू शर्मा की अदालत ने छात्रा के साथ बलात्कार के आरोपी को आठ साल की कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी के खिलाफ पाक्सो का आरोप सिद्ध नहीं हो सका।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह नेगी के अनुसार धारी क्षेत्र के एक गांव से 10 मई 2015 को बारात दूसरे गांव में गई थी। घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं था। दिन में दो बजे हाईस्कूल की छात्रा अपनी सहेली के साथ लकड़ी लेने के लिए दूसरे कमरे में गई थी। इस बीच गांव के ही निवासी आरोपी हरीशचंद्र रूबाली ने छात्रा की सहेली से जबरदस्ती करने की कोशिश की मगर वह भाग निकली। आरोपी ने छात्रा के साथ दुराचार किया। बारात लौटने पर छात्रा ने परिजनों को आपबीती बताई। छात्रा के पिता ने हरीशचंद्र रूबाली के खिलाफ धारा 376(1), 452,506 के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
विवेचक रेवती पंत ने इस मुकदमे की विवेचना की। मेडिकल में बलात्कार की पुष्टि हुई। इस मामले में रेवती के बाद अन्य विवेचक रवींद्र कौशल ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्यों के समर्थन में आठ गवाहों को पेश किया। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पाक्सो का अपराध नहीं माना। अदालत ने धारा 376 (1) के तहत आरोपी को आठ साल का कारावास और दस हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 452 में एक साल की सजा, धारा 506 के तहत तीन साल की सजा से आरोपी को दंडित किया।