मर्चेंट नेवी में नौकरी के नाम पर ठगी करने का आरोपी पुलिस की जांच के डर से विदेश भाग गया है। आरोपी पर छात्रों से जालसाजी के तहत करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है। भुक्तभोगियों को आशंका है कि वह छिपने के लिए चाइना चला गया है। मुखानी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
बागेश्वर जिले के प्रसाद सिंह कनवाल ने जनवरी में मुखानी थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि पिथौरागढ़ जिले के नायल गंगोलीहाट निवासी पवन गिरी ने मुखानी में एक संस्था खोली थी।
इस संस्था के संचालक पवन गिरी और जोशीमठ के विजय जोशी ने गांव गांव में प्रचार किया कि तीन लाख रुपये देने पर इंटर पास छात्रों को मर्चेंट नेवी में नौकरी मिल जाएगी।
झांसे में आकर उनके पुत्र के अलावा कई छात्रों ने नौकरी के नाम पर पैसा दिया। उसने दो छात्रों को विदेश में भेजा लेकिन वीजा सही नहीं होने के कारण फंस गए। इस मामले की मुखानी पुलिस जांच कर रही है। पता चला है कि पवन गिरी ने उत्तराखंड, यूपी और झारखंड के 80 युवकों से मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के लिए पैसा लिया था।
पुलिस को नंबरों की जांच से पता चला कि वह विदेश भाग गया है। इसी कारण उसके नंबर काम नहीं कर रहे हैं। मंगलवार को भुक्तभोगी एक छात्र मनोज ने एसपी सिटी को बताया कि चाइना में पढ़ने वाली एक लड़की से पवन की नजदीकियां थी।
आशंका है कि वह चाइना भाग गया है। एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान ने मुखानी पुलिस और एसओजी को संयुक्त रुप से जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।