नगर पालिका के एक ठेकेदार की शिकायत के बाद सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) टीम ने सोमवार को यहां नगर पालिका के अवर अभियंता ईश्वर सिंह रौतेला को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कई घंटे की पूछताछ के बाद विजिलेंस टीम आरोपी को हल्द्वानी ले गई। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई के बाद से पालिका में खलबली मची हुई है।
उक्त कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम के एसपी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को नगर पालिका के ठेकेदार दीपेंद्र थापा ने विजिलेंस कार्यालय हल्द्वानी को बताया कि वह नगर पालिका नैनीताल में ठेकेदारी करते हैं। पिछले दिनों उन्होंने स्प्रिंग फील्ड क्षेत्र में 1.75 लाख की लागत का सीसी मार्ग बनाया था। उन्होंने शिकायत की कि नगर पालिका नैनीताल में कार्यरत अवर अभियंता ईश्वर सिंह रौतेला उक्त निर्माण कार्य के भुगतान के नाम पर बीस हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना था कि रिश्वत न देने के कारण बीते दो माह से उसे भुगतान नहीं किया जा रहा है।
उन्होंनेे बताया कि ठेकेदार की इस शिकायत पर विजिलेंस टीम के निरीक्षक अरविंद डंगवाल और दानीराम के नेतृत्व में गठित ट्रेप टीम रणनीति के तहत सुबह सवा ग्यारह बजे नगर पालिका पहुंची। तयशुदा रणनीति के तहत सुबह जैसे ही अवर अभियंता रौतेला अपने कार्यालय में पहुंचे तो ठेकेदार दीपेंद्र थापा ने जेई रौतेला को बीस हजार रुपये के दे दिए। इसी दौरान विजिलेंस टीम ने रौतेला को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रौतेला के रिश्वतखोरी में गिरफ्तारी होने की खबर पालिका में जंगल में आग की तरह फैल गई।
इससे समूची पालिका में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में पालिका परिसर में पालिका के कर्मचारी, ठेकेदार और सभासद पहुंच गए। विजिलेंस टीम ने आरोपी जेई रौतेला को हिरासत में लेकर घंटों तक पूछताछ की। शाम को विजिलेंस थाना हल्द्वानी में जेई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अलग अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। टीम के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। विजिलेंस टीम में निरीक्षक अरविंद डंगवाल और दानी राम के अलावा कोतवाल संजय पांडे, कांस्टेबल नागेंद्र भट्ट व इसरार नवी व साधना आदि शामिल थे। इधर, रिश्वतखोरी में फंसे जेई ईश्वर सिंह रौतेला ने रिश्वतखोरी के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाया गया है और उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
नगर पालिका के अवर अभियंता का रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार होना दुर्भाग्यपूर्ण है। पालिका में भ्रष्टाचार की शिकायत आज तक किसी भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा ठेकेदार ने उनसे नहीं की और न ही कभी किसी ने ऐसा कोई आरोप लगाया। पालिका में भ्रष्टाचार का मुझे अहसास नहीं था।
- श्याम नारायण चेयरमैन नगर पालिका नैनीताल