एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी नीरज मेहरा का एडमिशन निरस्त करने की मांग को लेकर चार घंटे से अधिक समय तक हंगामा किया। प्राचार्य और निर्वाचन समिति के साथ अभद्रता, गालीगलौज और अराजकता करने पर पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष संजय नेगी समेत कई कार्यकर्ता चोटिल हो गए। पुलिस ने विद्यार्थी परिषद के चार पदाधिकारियों को छोड़कर बाकी कार्यकर्ताओं को कॉलेज से बाहर कर दिया। बाद में कॉलेज प्रशासन द्वारा नीरज मेहरा की उपाधि या सेमेस्टर निरस्त करने का अधिकार विवि को होने संबंधी लिखित पत्र दिए जाने पर आक्रोशित कार्यकर्ता चले गए।
छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी विजय जोशी ने बुधवार को नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने पर अध्यक्ष पद के निर्दलीय प्रत्याशी नीरज मेहरा के एमए प्रथम वर्ष योगा के सत्र 2016-17 का प्रवेश निरस्त करने के लिए आपत्ति पत्र मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिया था।
एमबीपीजी कॉलेज में बृहस्पतिवार को नाम वापसी, नामांकन पत्रों की जांच के बाद वैद्यता सूची जारी की जानी थी। कॉलेज में दोपहर को नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच अपराह्न तीन बजे विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता पहुंच गए। कार्यकर्ता पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. डीसी पंत के पास पहुंचे तथा आपत्ति के निस्तारण के बाबत पूछा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पंत ने उन्हें बताया कि निर्दलीय प्रत्याशी नीरज मेहरा के एडमिशन निरस्त करने संबंधी आपत्ति को शिकायत प्रकोष्ठ के पास भेज दिया गया है। शिकायत प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. कमल पांडेय ने जब कार्यकर्ताओं को यह बताया कि किसी भी छात्र की उपाधि या एडमिशन निरस्त करने का निर्णय विवि द्वारा ही लिया जाएगा इसलिए पत्र विवि को भेजा गया है।
इस पर विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता भड़क गए तथा प्राचार्य डा. बीसी मेलकानी को घेर हंगामा शुरू कर दिया। बाद में प्राचार्य अपने कक्ष में जाकर बैठ गए तो कार्यकर्ता पीछे से वहां भी पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने मेज पर जोर-जोर से हाथ पटकते हुए आरोप लगाने शुरू कर दिए।
बवाल बढ़ने पर एसडीएम एपी बाजपेयी, कोतवाली निरीक्षक आरएस मेहता भी पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। विद्यार्थी परिषद के चंद्रप्रकाश तिवारी, चंद्रशेखर जोशी, दीपक सनवाल, कार्तिक हर्बोला, विकास भगत, नीरज बिष्ट आदि कार्यकर्ताओं की प्राचार्य, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पंत, चीफ प्रॉक्टर डा. आरएस भाकुनी, डॉ. एएस उनियाल एवं डॉ. एआर अंसारी से नीरज मेहरा का एडमिशन निरस्त करने के मुद्दे को लेकर तीखी बहस हो रही थी, इसी बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य, मुख्य निर्वाचन अधिकारी समेत प्राध्यापकों से अभद्रता कर उनके साथ गालीगलौज कर दी।
जब पुलिस ने गालीगलौज करने से मना किया तो उग्र कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए, जिस पर पुलिस कर्मियों ने प्राचार्य कक्ष में मौजूद कार्यकर्ताओं पर डंडे बरसा दिए। फिर पुलिस ने प्राचार्य कक्ष के बाहर खड़े कार्यकर्ताओं को दौड़ा दौड़ा कर पीटा।
पुलिस के लठियाने से कॉलेज परिसर में भगदड़ मच गई और जिसे जहां जगह मिली वहां छिप गया। बाद में एसडीएम बाजपेयी के आदेश पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को कॉलेज से बाहर कर दिया।
केवल तीन कार्यकर्ताओं की कॉलेज प्रशासन के साथ बैठक कराई तथा शिकायत के संबंध में लिखित उत्तर मिलने पर पुलिस ने अपनी सुरक्षा उन्हें एबीवीपी कार्यालय ले जाकर छोड़ दिया।