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नाग पंचमी पर बनेगा विशेष संयोग: सोमवार को करें शिव और नाग देवता की पूजा, सूर्य करेंगे सिंह राशि में प्रवेश

Sun, 16 Aug 2026 02:48 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी, हल्द्वानी

सार

नाग पंचमी सोमवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाएगी। इस बार नाग पंचमी, बिरूढ़ पंचमी और घी संक्रांति का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
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नाग पंचमी - फोटो : AI
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विस्तार
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नाग पंचमी सोमवार, 17 अगस्त को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। इस बार नाग पंचमी सोमवार को पड़ने के कारण पूजा-अनुष्ठान के लिए विशेष शुभ संयोग बन रहा है। इसी दिन भगवान सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। नाग पंचमी को भगवान शिव की आराधना और नाग देवताओं की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन भगवान शिव का पूजन, नाग देवता की आराधना और रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व है। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प योग अथवा राहु-केतु संबंधी दोष बताए जाते हैं, वे नाग पंचमी पर भगवान शिव का पूजन कर नाग प्रतिमा अर्पित करते हैं।

ज्योतिष डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया बिरूढ़ पंचमी और घी संक्रांति भी सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन विरूढ़ भिगोने की परंपरा है। वहीं सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश के साथ घी संक्रांति पर्व भी मनाया जाएगा। लोक मान्यता के अनुसार इस दिन घी का सेवन शुभ माना जाता है और इसे आरोग्य एवं सुख-समृद्धि से जोड़ा जाता है। इसके अलावा नाग पंचमी पर्व भी है। श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के अनुसार महर्षि कश्यप की पत्नियों कद्रू और विनता से नाग तथा गरुड़ की उत्पत्ति हुई।

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कुमाऊं में नाग देवताओं की पूजा की प्राचीन परंपरा रही है। नाग पंचमी पर पिंगली नाग, कालीनाग, धौलीनाग, बेरीनाग, फेणीनाग और वासुकी नाग सहित विभिन्न नाग मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिरों में पंचामृत से अभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का प्रयोग किया जाता है। सुबह 7:15 बजे से शाम 3:55 बजे तक नाग पंचमी की पूजा के लिए शुभ है।

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