हल्द्वानी। रामपुर रोड पर जीतपुर नेगी के पास अमेजन के वेयरहाउस में लगी आग इतनी वीभत्स थी कि दो वाहन पूरी तरह जल गए जबकि बाहर खड़ीं दो गाड़ियां आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। यह पूरी घटना गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है जिसकी डीवीआर को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
हादसे की शुरुआत गोदाम के अंदर स्थित मुख्य शटर के पास गुजर रही तार में चिंगारी निकलने से हुई। महज 10 से 15 सेकेंड के भीतर चिंगारी शटर से सटे ई-लोडर टेंपो पर गिरी और उसने आग पकड़ ली। कुछ ही मिनटों में यह आग पास में चार्ज हो रहे ई-स्कूटी तक पहुंच गई। स्कूटी भी धू-धू कर जलने लगी। लपटें तेजी से ऊपर उठीं और छत व दीवारों पर लगी फोम की शीट को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद कमरे में रखे पार्सल धू-धू कर जल उठे। आग नरेंद्र और अमित के कमरे में पहुंची और एसी भी जलने लगा। इससे अंदर रखा सामान और दोनों युवकों के मोबाइल भी जल गए। गोदाम में छह अलमारी भी जल गईं। इसमें कंपनी से जुड़े कागज और पार्सल रखे हुए थे। गोदाम के बाहर खड़े दो लोडर वाहनों को हल्का नुकसान हुआ है।
पार्सल से भरा था गोदाम, 30 लाख के नुकसान का अंदेशा वेयर
हाउस अग्निकांड में 30 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। गोदाम के भीतर रखे सारे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और रिकॉर्ड रजिस्टर जलने के कारण नुकसान के सटीक आंकड़ों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। अमेजन का वेयर लगभग पांच हजार स्क्वायर फीट में बना हुआ है। यहां न केवल हल्द्वानी शहर, बल्कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र के अन्य शहरों में डिलीवर होने वाले पार्सल रखे जाते थे। अंदेशा है कि जब यह हादसा हुआ, उस वक्त भी गोदाम के अंदर सैकड़ों पार्सल होंगे। हल्द्वानी शहर में अमेजन के माध्यम से रोजाना औसतन 200 के करीब डिलीवरी की जाती है। दमकल विभाग का कहना है कि दो गाड़ियों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अलमारियों के जलने से करीब 30 लाख का नुकसान हुआ है। हालांकि, कंपनी के स्तर पर जले पैकेट की वास्तविक कीमत का आकलन कर उसे जोड़ा जाएगा, तभी इस अग्निकांड से हुए असली आर्थिक नुकसान की तस्वीर साफ हो पाएगी।
फायर विभाग से वेयर हाउस के लिए कोई भी एनओसी नहीं ली गई थी। आवेदन भी नहीं किया गया था। अंदर फायर उपकरण नहीं थे। फायर अलार्म सिस्टम नहीं था। यदि रहता तो धुआं भरने पर बजते सायरन से अंदर फंसे लोग और बाहर से भी लोग सतर्क हो जाते। दमकल के जरिए 30 मिनट में आगे पर काबू पा लिया गया लेकिन दो लोगों को बचा नहीं सके। गौरव किरार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, नैनीताल