नैनीताल। नैनीताल जिले में संचालित सभी निजी और सरकारी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक और ट्रॉमा सेंटरों का संयुक्त सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हाल ही में हुई घटनाओं और संभावित आपदाओं को देखते हुए लिया गया है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर एक संयुक्त निरीक्षण दल का गठन किया गया है। इस टीम में नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी के नामित अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और लोक निर्माण, विद्युत, जल संस्थान, नगर निगम व जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हैं। यह दल हल्द्वानी और रामनगर सहित जनपद के सभी चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण करेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान लापरवाही या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर जोखिम की स्थिति में अस्पताल को सील करने या संचालन प्रतिबंधित करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकती है। निरीक्षण के बाद टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) नैनीताल को सौंपेगी। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में फायर एनओसी की वैधता, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, फायर अलार्म सिस्टम और आपातकालीन निकास द्वार की जांच की जाएगी। विद्युत वायरिंग सुरक्षा और आपातकालीन जल आपूर्ति व्यवस्था का भी परीक्षण होगा। इसके अलावा, भवन मानचित्र स्वीकृति, पार्किंग व्यवस्था, बेसमेंट उपयोग और अवैध अतिक्रमण जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं के तहत इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान, ऑक्सीजन सिलिंडरों के सुरक्षित भंडारण और अस्पताल कर्मियों को सुरक्षा प्रशिक्षण की समीक्षा की जाएगी।