हल्द्वानी। रामगढ़ के सूपी गांव में एक व्यक्ति ने वन पंचायत की जमीन पर न केवल रिजॉर्ट बना दिया बल्कि कॉलोनी भी काट दी। थाने से लेकर आयुक्त तक शिकायत हुई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आखिर में पुलिस ने शिकायतकर्ता को ही शांतिभंग में निरुद्ध कर दिया। पीड़ित ने अब मुख्य सचिव को पत्र भेजकर संज्ञान लेने की मांग की है।
रामपुर रोड पालम सिटी निवासी हिशांत ने बताया कि नैनीताल और धारी तहसील की सीमा पर एक हजार नाली जमीन सूपी वन पंचायत में थी। एक व्यक्ति ने अधिकारियों से साठगांठ कर एक हजार नाली जमीन को कागजों में धारी ब्लाक के ग्राम बना में दर्ज करा दिया। अब कागजों में यह भूमि बना ग्राम में है। हिशांत का कहना है कि वन पंचायत की यह भूमि बंदोबस्ती के नक्शे में सूपी वन पंचायत में दर्ज है। हिशांत का कहना है कि वर्ष 2004-05 में हाईकोर्ट ने बंदोबस्ती के नक्शे के आधार पर भूमि का सीमांकन कराने के निर्देश दिए थे। एक साल तक तत्कालीन जिला प्रशासन ने भूमि का सीमांकन नहीं कराया और जब दबाव पड़ा तो सीमांकन दूसरे गांव से दिखा दिया। हितांश का कहना है कि जब उन्होंने अधिकारियों से इस मामले की शिकायत की तो जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले लोग उनके पीछे पड़ गए और मामला मुक्तेश्वर थाने तक पहुंच गया। हिशांत ने बताया कि उन्होंने धारी तहसील से लेकर वन विभाग, जिलाधिकारी व मंडलायुक्त तक इस मामले में साक्ष्य के साथ शिकायतें की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा मुक्तेश्वर थाना पुलिस ने उनके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर दी। हितांश ने अब इस मामले की शिकायत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से करते हुए आरोपियों के साथ साथ उन्हें शांतिभंग में निरुद्ध करने वाले मुक्तेश्वर के थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हिशांत ने बताया कि अब वन पंचायत की जमीन पर सीसीरोड, पानी की कई टंकी, कई मंजिला मकान, रिजॉर्ट और होमस्टे बन गए हैं। वहां कई लोगों ने अपने निजी बगीचे भी बना लिए। इसके बाद भी अधिकारी मौन हैं।
इस प्रकरण को लेकर शिकायत मिली है। यह जमीन दो तहसीलों की सीमा पर स्थित है। धारी और नैनीताल के तहसीलदारों की संयुक्त कमेटी से मामले की जांच कराई जा रही है। कमेटी को जांच रिपोर्ट जल्द देने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद कुमार, एसडीएम नैनीताल