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Uttarakhand Fire News: ईको टाउन में घर में लगी भीषण आग, दो बहनों संग लपटों से घिरीं डॉक्टर, ऐसे बची जान

Tue, 28 Oct 2025 10:35 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

सोमवार रात हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित ईको टाउन में डॉक्टर वर्षा रानी के आवास में अचानक आग लग गई। आग भू-तल के कमरों और रसोई से शुरू हुई। डॉ. वर्षा रानी अपनी दो बहनों के साथ प्रथम तल पर फंस गईं, जिन्हें राहगीरों के चिल्लाने पर ही आग का पता चला।

 
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इको टाउन स्थित घर में आग लगने से खाक हुआ सामान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हल्द्वानी शहर के रामपुर रोड स्थित ईको टाउन के फेज छह स्थित एनेस्थेसिया की डॉक्टर वर्षा रानी के आवास में सोमवार की रात पौने नौ बजे के करीब अचानक आग लग गई। भू-तल के कमरों व किचन से आग फैली। प्रथम तल पर अपनी दो बहनों के साथ फंसी डॉ. वर्षा रानी को आग की भयावहता का अंदाजा तक नहीं लगा। सड़क पर राहगीरों ने आग-आग चिल्लाने की आवाज लगाई तो वह बालकनी में भागे।

एफएसओ मिन्दर पाल सिंह ने बताया कि ईको टाउन के राधा रानी विहार फेज 6 में डॉ. वर्षा रानी पुत्री स्व. रामलाल अपनी दो बहनों के साथ रहती हैं। रात पौने नौ बजे के करीब वह प्रथम तल के बालकनी से लगे कमरे में थीं। अचानक से भू-तल के प्रवेश द्वार के डाइनिंग हाल में पूजा स्थान के पास आग लगी और वह फैलती चली गई। पूजा स्थान के बगल में रखा सोफा सेट, लकड़ी का शीशा लगा मेज, फ्रिज और एसी जलना शुरू हो गया। किचन में भी आग लगी। पीछे का कमरा और टॉयलेट बचा।

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आग नीचे से ऊपर की ओर बढ़ी तो सभी लोग प्रथम तल में ही फंस गए। बालकनी और इससे लगे कमरे में आग नहीं थी। पड़ोसियों ने नीचे से जब आग-आग की आवाज लगाई तो इन्हें जानकारी हुई। एक तरफ से पानी के पाइप से आग बुझाने का प्रयास हुआ। तभी दमकल पहुंच गया। लोगों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया गया। एफएसओ ने बताया कि दस लाख रुपये से ज्यादा का सामान जला है। डॉ. वर्षा ने बताया कि आग के कारण का पता नहीं चल पा रहा है। आग नीचे से ऊपर के तल पर बढा। द्वितीय तल पर भी एक कमरा और किचन को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। दो एसी भी जला और आरओ भी।

कुत्तों को छोड़कर नहीं आना चाहती थीं
डॉ. वर्षा के घर पर चार पालतू कुत्ते भी थे। बालकनी के लिए लोगों ने सीढ़ी भी लगाई गई लेकिन डॉ.क्टर वर्षा कुत्तों को छोड़कर नीचे नहीं आना चाहती थीं। कुत्ते बालकनी में आए तो वह सीढी से उतर नहीं सकते थे। आग बुझने के बाद सभी लोग बाहर आए। कुत्तों को वाहन में एसी चलाकर बिठाया गया। तीनों बहनें देर तक सदमें में रहीं। वह बस भगवान का धन्यवाद कर रही थीं कि उनकी जिंदगी को बचा लिया।

काट दी गई लाइट, 10 बजे आई

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घटना के साथ ही डहरिया, ईकोटाउन, पीली कोठी, जज फार्म की लाइट काट दी गई। दस बजे जब बिजली विभाग से आए कर्मचारी ने डॉ. वर्षा के मकान की बिजली काटी तब आपूर्ति बहाल हुई।

 

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