उसके गले में गंभीर घाव था। इसकी वजह से उसने करीब एक हफ्ते से कुछ खाया नहीं था। बाघिन की उम्र करीब 10 साल थी। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
उधर, रामनगर तराई पश्चिमी वन प्रभाग के उदयपुरी बंदोबस्ती गांव के पास पापड़ी आरक्षित वन क्षेत्र में एक तेंदुए के बच्चे का शव मिलने की सूचना पर डीएफओ शिशुपाल सिंह रावत वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मादा शावक आठ महीने का है और उसके मुंह पर पंजों के निशान हैं।
मौके पर भी आपसी संघर्ष के निशान मिले हैं, जिससे यह अनुमान लाया जा रहा है कि आपसी संघर्ष के दौरान उसकी मौत हुई है। पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा और डॉ. आयुष उनियाल ने पोस्टमार्टम कर शव को नष्ट कर दिया।