हल्द्वानी। बेस अस्पताल में भर्ती एक मरीज को घाव सूखे बिना ही डिस्चार्ज कर वार्ड से बाहर निकाल दिया गया।
धन बहादुर (50) को 26 सितंबर को बेस अस्पताल में भर्ती किया गया था। तीन दिन तक बाएं बैर पर बोरी बांधकर धन बहादुर बेस अस्पताल के बी ब्लाक के पास पड़ा हुआ था। वहां से निकलने वाले डाक्टरों और स्टाफ की उस पर नजर तक नहीं पड़ी। पैर में इंफेक्शन होने के कारण उसके पास मक्खियां भिनभिना रही थीं। अस्पताल ने उसे भर्ती कर इलाज करने की जहमत नहीं उठाई। अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद अगले दिन उसे भर्ती किया गया। मरीज के देखरेख की जिम्मेदारी समाजसेवी हेमंत गोनिया ने ली। गोनिया ने खानपान की व्यवस्था करने के साथ ही देखरेख के लिए एक व्यक्ति को भी रखा। गोनिया ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड के बेड नंबर सात पर भर्ती धन बहादुर का अभी घाव भी नहीं सूखा था कि उसे डिस्चार्ज कर जबरन वार्ड से बाहर कर दिया। उनका कहना है कि घाव न सूखने से धन बहादुर के दोबारा इंफेक्शन हो सकता है। धन बहादुर बिल्कुल ठीक हो गया है। डाक्टरों ने उसकी जांच कर ली है। घाव सूखने के बाद ही उसे डिस्चार्ज किया गया है। दोबारा कोई तकलीफ होने पर उसका इलाज किया जाएगा। डॉ. एसएस भारद्वाज
कार्यवाहक सीएमएस
बेस अस्पताल