लालकुआं। वन विकास निगम के डिपो संख्या पांच पर हथियारों से लैस दस नकाबपोश चंदन तस्करों ने धावा बोल दिया। चौकीदार को बंधक बनाकर बदमाश पांच लाख से अधिक कीमत के चंदन के 15 गिल्टे उठा ले गए। सूचना पर वन निगम में खलबली मच गई। पुलिस ने मामला पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मंगलवार की रात वन निगम के डिपो संख्या पांच पर तीन चौकीदार गश्त कर रहे थे। चौकीदार प्रताप सिंह कठायत के अनुसार रात करीब डेढ़ बजे वह पूरे डिपो का चक्कर लगाकर जब कार्यालय के पास आया तो पीछे से अचानक दो बदमाशों ने उसे दबोच लिया। करीब ही मौजूद चौकीदार हरीश चंद्र पांडे को भी दो बदमाशों ने कब्जे में कर लिया। यह देख तीसरे चौकीदार जीवन सिंह बिष्ट ने शोर मचा दिया, तभी चार अन्य बदमाशों ने उसे पकड़ लिया। उनकी तलाशी लेकर जेब में रखे पैसे और मोबाइल निकाल लिए। बदमाशों ने चौकीदारों के हाथ-पांव बांधे और मुंह में कपड़ा ठूंसने के बाद तीनों को पेड़ से बांध दिया। इस बीच चौकीदारों ने विरोध किया तो उनकी जमकर पिटाई लगाई। बेखौफ बदमाश डिपो के गोदाम का ताला तोड़कर उसमें रखे बेशकीमती चंदन के 15 गिल्टे लूट ले गए। चौकीदारों का कहना है कि बदमाश स्थानीय बोलचाल में बात कर रहे थे। उन्होंने डिपो से कुछ ही दूरी पर मुख्य मार्ग पर अपने वाहन खड़े किए थे। बदमाशों के जाने के बाद तीनों चौकीदारों ने बमुश्किल एक-दूसरे को बंधन मुक्त किया। उसके बाद निगम कर्मियों, अधिकारियों को फोन से घटना की जानकारी दी। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक जीसी सिंह और प्रभागीय विपणन प्रबंधक अरविंद कुमार श्रीवास्तव तत्काल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने एसएसआई चंद्र मोहन सिंह रावत को मामले से अवगत कराया। डिपो अधिकारी ओपी वर्मा और लौंगिंग अधिकारी हरीश पाल ने निगम कर्मियों के साथ क्षेत्र में कांबिंग की। जंगल से एक चंदन का एक गिल्टा और घटना में इस्तेमाल किए गए लोहे के सब्बल बरामद हुए। वन निगम के स्केलर गोकुलानंद पंत की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश में सक्रिय चंदन तस्करों की तलाश शुरू कर दी है। चौकीदारों के पास लाठियां भी नहीं
लालकुआं। वन निगम के डिपो से हथियारों के बल पर चंदन की लकड़ी चोरी करने की क्षेत्र में पहली घटना है। करोड़ों रुपए की लकड़ी से भरे डिपो की सुरक्षा में लगे चौकीदारों के पास हथियार तो दूर डंडे तक नहीं हैं। अब निगम के सामने कीमती लकड़ी को तस्करों से बचाने की चुनौती भी है।
बदमाशों को कैसे लगी चंदन की भनक
लालकुआं। वन विकास निगम के डिपो संख्या पांच में चार माह पूर्व रखी गई चंदन की लकड़ी की जानकारी आखिर तस्करों को कैसे लगी। यह बात भी निगम अधिकारियों को पूरे दिन सताती रही। वन निगम के लौंगिंग अधिकारी हरीश पाल के अनुसार अप्रैल में वन विभाग की नर्सरी से चंदन के पेड़ काटकर डिपो में 16 गिल्टे लाए गए थे, जिन्हें बिक्री के लिए रखा गया था। इस बीच उन्होंने रामपुर, दिल्ली और कन्नौज के कुछ व्यापारियों को उक्त लकड़ी दिखाई थी। अगले माह नीलामी होनी थी, परंतु इससे पूर्व ही चंदन तस्करों को इसकी भनक लग गई।