हल्द्वानी। व्यवसायी योगेश गुप्ता की हत्या के बाद परिवार के करुण क्रंदन से पड़ोसी महिला रेनू सिंह रविवार रात सदमे में आ गई। देर रात तक वह अपने पति कृष्ण अवतार सिंह से व्यवसायी की गृहस्थी के बारे में चर्चा करती रही। इस दौरान हृदयगति रुकने से उसकी मौत हो गई। मुनगली में व्यवसायी योगेश गुप्ता की हत्या के बाद पूरी रोड भीड़ से पट गई थी। व्यवसायी के पत्नी-बच्चों को रोते और सिर पटकते हुए देख पड़ोसी रेनू सिंह (60) की आंखें भर आईं। घर लौटने पर वह देर रात पति से कह रही थी कि अब योगेश की पत्नी और बच्चों का क्या होगा। बेरहमों को हत्या करने से क्या मिला। उन्हें छोटे-छोटे बच्चों पर भी दया नहीं आई। अब परिवार को कौन संभालेगा। देर रात चर्चा सुनने के बाद पति ने अपनी पत्नी को सोने के लिए कहा और सलाह दी कि व्यर्थ चिंता करना ठीक नहीं है। पति का कहना था कि रात तीन बजे वह पत्नी को बाथरूम मेें जाते हुए देखा था। उसे हत्या के चलते सदमा लग गया था। सुबह बेटे अमित कुमार सिंह को मेरठ ड्यूटी के लिए जाना था। नाश्ता बनाने के लिए कृष्ण अवतार पत्नी को जगाने के लिए गया तो उसकी सांस बंद हो गई थी। परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया तो पत्नी की मौत की पुष्टि हुई। महिला की दो पुत्रियां और एक पुत्र है। मौत की जानकारी मिलने पर सोमवार सुबह मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने कृष्ण अवतार सिंह के घर पहुंचकर उनको ढांढस बंधाया।