हल्द्वानी। धर्म के नाम पर मीट न खाने का पाखंड साल के आखिरी दिन सामने आ गया। मंगलवार होने के बावजूद जमकर मीट बिका। दुकानों के सामने लोगों की लाइनें लगी रहीं। इसका दुकानादारों ने भी खूब फायदा उठाया। उन्होंने तय रेट से ज्यादा पर बिक्री की।
सुबह से तो मीट की दुकानें कम ही खुली थी। जो खुली थी वहां भी ज्यादा भीड़ नहीं थी। मगर ज्यों ज्यों दिन चढ़ता गया लोग भी मीट की दुकानों पर पहुंचते गए। पहले अंदाजा लगाया जा रहा था कि मंगलवार होने के चलते चिकन और मटर की बिक्री ना के बराबर होगी। दुकानें भी बंद रहने की आशंका थी। मगर नए साल के जश्न में लोग धर्म को भी भूल गए। मंगलवार को भी लोगों ने जमकर मीट खाया। जमकर दावतें की। नई आईटीआई के पास मीट की सभी दुकानों में रात तक लोगों की लाइन लगी रही। जमकर लोगों ने बकरे और मुर्गे का मीट खरीदा। इसके अलावा मंगलपड़ाव, देवलचौड़ में भी जमकर मीट की बिक्री हुई। लोगों ने रेस्टोरेंट, बार और होटलों में भी जमकर नॉनवेज का लुत्फ लिया। इसके अलावा कई लोगों ने पिकनिक में जाकर बकरे और मुर्गे काटे। इसके अलावा मछली की बिक्री में भी काफी बढ़त दर्ज की गई। कई लोगों ने तो 12 बजे के बाद नानवेज खाया। उनका तर्क ये था कि उसके बाद बुधवार शुरू हो गया था। इसी तरह मंगलवार को नानवेज न खाने वालों ने खाने के लिए कई बहाने बनाए।