हल्द्वानी। 26 करोड़ से ज्यादा खर्च कर जिस नहर को कवरिंग किया गया है, उसका ‘लाभ’ जनता नहीं बल्कि कब्जेदारों को मिल रहा है। नहर कवरिंग एरिया पार्किंग, गैराज से गोदाम के तौर पर काम आ रहा है।
राज्य बनने के बाद शहर की सबसे बड़ी योजना नहर कवरिंग की बनी। इसका बजट 26 करोड़ से ज्यादा रखा गया, पर करोड़ों खर्च होने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। दूसरी तरफ नहर कवरिंग के बाद जो आधी-अधूरी सड़क बनी, उस पर कब्जा शुरू हो गया है। खोलिया कंपाउंड के पास एक निर्माण कार्य हो रहा है, निर्माण करने वाले ने रेत, ईंट जो भी मिला, उसे नहर कवरिंग पर रखकर एक तरफ सड़क ही बंद कर दी है। आगे खोलिया कंपाउंड के अंदर जाने वाली गली में ट्रांसफार्मर रखकर बिजली विभाग ने गली को बंद कर दिया। सबसे ज्यादा अराजकता मुखानी के पास है। यहां पर दो बड़े निजी अस्पतालों के कारण पूरा इलाका अवैध पार्किंग स्थल बन गया है। पहले इन अस्पताल में आने वाले लोगों के वाहन सड़क पर खड़े होते थे, अब नहर कवरिंग एरिया पर कब्जा जमाए रहते हैं। आगे गैराज से लेकर कारपेंटर का काम करने वाले सभी ने अपनी ‘क्षमता’ के हिसाब से नहर कवरिंग पर कब्जा किया है। कलावती कालोनी के पास एक गैराज मालिक ने कवरिंग एरिया को खोदकर पानी की अवैध लाइन कथित तौर पर डाली दी, लेकिन इस पर अफसरों की कार्रवाई की बात तो दूर देखने की फुर्सत तक नहीं मिली। दमुवाढूंगा चौराहे के पास सब्जी वालों ने कब्जा कर एक तरह सड़क को मंडी बना दिया है।