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रैली निकाली और जागरूक हो गए हल्द्वानी के लोग!

Sat, 09 Nov 2013 05:43 AM IST
Nainital
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हल्द्वानी। पुलिस वालों को लगता है कि यातायात जागरूकता को लेकर एक रैली निकालने से ही हल्द्वानी के लोग जागरूक हो जाएंगे। अब वे सड़कों पर यातायात के नियमों का स्वेच्छा से पालन करने लगेंगे। पुलिस को सड़कों यातायात नियमों का पालन नहीं करवाना पड़ेगा। यातायात जागरूकता पखवाड़े के दूसरे दिन शहर की हालत देखकर यही लग रहा था।
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बृहस्पतिवार को पखवाड़े की शुरुआत जागरूकता रैली से हुई। शाम को सड़कों पर कुछ सख्ती भी हुई, मगर शुक्रवार को सड़कों से पुलिस नदारद दिखी। वाहन चालक भी नियमों की धज्जियां उठाते हुए फर्राटे भरते रहे। ज्यादातर चौराहों पर पुलिसकर्मी ड्यूटी पर ही नहीं थे। जहां थे भी तो वहां निठल्ले, निढाल खड़े थे। उन्हें न नियम तोड़ने वालों से मतलब था ना यातायात जागरूकता से। वो तो शुक्र है कि ठंड बढ़ने से कई लोग घरों से बाहर निकले ही नहीं, वरना शहर की सड़कों का भगवान ही मालिक होता।
शुक्रवार को सुबह से ही सिंधी चौक, कालाढूंगी चौक, बेस अस्पताल चौक, तिकोनिया और रोडवेज के पास पुलिसकर्मी ड्यूटी को लेकर मुस्तैद नहीं थे। दोपहर होते-होते तो ज्यादातर चौराहों से पुलिसकर्मी गायब ही हो गए थे। जिसके चलते वाहन चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गुजर रहे थे। बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, तेज रफ्तार, ओवर लोडिंग, नो-एंट्री किसी का उन्हें डर नहीं था। बार-बार सड़क पर जाम लग रहा था। सिंधी चौक पर वाहन चालक रांग साइड जा रहे थे, लेकिन रोकने वाला कोई नहीं। सरस मार्केट से कुछ पहले सड़क पर ही नीली बत्ती की गाड़ी पार्क थी, लेकिन उसे कोई हटाने वाला नहीं था। कुछ ही दूरी पर महिला होमगार्ड सड़क पर ही गपिया रहीं थीं। रोडवेज चौराहे पर पुलिसकर्मी आपसी बातचीत के साथ गुलाबी ठंड का मजा ले रहे थे। बेस अस्पताल के पास एक पुलिसकर्मी ओके होटल के नीचे खड़ा बस ड्यूटी बजा रहा था। कालाढूंगी तिराहे पर भी हाथ में डंडा लिए पुलिसकर्मी यातायात से बेफिक्र होकर टहलता जा रहा था। मंदिर के आगे जाम लग रहा था, मगर उसे खुलवाना शायद उसकी ड्यूटी नहीं थी। तिकोनिया पर भी पुलिसकर्मी तो थे, मगर यातायात को लेकर बेफिक्र। ठेले-रेड़े सड़क किनारे खड़े थे। ये आलम तो यातायात जागरूकता पखवाड़े के दूसरे दिन था। आगे की राम जाने।
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