हल्द्वानी। दो दिन से सुशीला तिवारी अस्पताल परिसर के भीतर धरने पर बैठे ममता के परिजनों को बृहस्पतिवार परिसर से बाहर धरना देना पड़ा। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे से ही प्रदर्शनकारियाें को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात था। एसडीएम भी भीतर हो रहे धरने को रोकने के लिए करीब 10 बजे अस्पताल पहुंच गए थे। हालांकि धरने पर बैठने वाले 11 बजे बाद आए। बाद में एसडीएम और मेडिकल कालेज के प्राचार्य के समझाने पर प्रदर्शनकारी धरना बाहर देने को तो तैयार हो गए लेकिन आंदोलन समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया। धरना आज से क्रमिक अनशन में बदलेगा।
कुसुमखेड़ा निवासी ममता की बच्चेदानी निकालने और नवजात की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट 24वें दिन भी नहीं आ पाई। धरने का नेतृत्व कर रहे सुशील भट्ट ने कहा कि जांच रिपोर्ट में हो रही देरी से साफ है कि आरोपी डाक्टरों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल में काफी गहमागहमी रही। परिसर के भीतर हो रहे धरने को रोकने पहुंचे एसडीएम हरवीर सिंह सहित पुलिस कर्मियों को ममता की सास ने खूब सुनाई। उनका आरोप था कि प्रशासन उनकी मदद की जगह आंदोलन समाप्त करने का दबाव बना रहा है।
बाद में एसडीएम और मेडिकल कालेज के प्राचार्य आरसी पुरोहित के समझाने पर प्रदर्शनकारी परिसर से बाहर धरना देने को तैयार हुए। सुशील ने बताया कि जब तक उनकी सभी छह मांगें नहीं मान ली जाती तब तक धरना जारी रहेगा। आज पहले दिन सुशील भट्ट क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। उधर, मेडिकल कालेज के प्राचार्य आरसी पुरोहित का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। इसे जल्द सार्वजनिक कर दिया जाएगा और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।