हल्द्वानी। लंबे समय से चल रहे एक हाईप्रोफाइल सैक्स रैकेट का हल्द्वानी पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में देहरादून के एक कांग्रेसी नेता और एक नेपाली कालगर्ल को गिरफ्तार किया है, इनके पास से 14 सिमकार्ड, आठ एटीएम कार्ड, एक नेट शटर, एक स्कार्पियो, एक पासपोर्ट और कुछ अन्य सामान बरामद किया गया है। इनके मोबाइलों से कई बड़े नेताओं और नौकरशाहों के नंबर भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सैल हल्द्वानी में तैनात इंस्पेक्टर डीएल वर्मा लंबे समय से इस रैकेट के पीछे लगे थे। वे लगातार इंटरनेट के जरिए इस रैकेट से जुड़े कई लोगाें से संपर्क बनाए हुए थे। ग्राहक बनकर बुकिंग के नाम पर वे रविवार को इस गिरोह के एक दलाल और एक कालगर्ल तक पहुंचे। दोनों को एक स्कार्पियो में पालम सिटी के पास से गिरफ्तार किया गया। कांग्रेसी नेता की पहचान रिंग रोड, देहरादून निवासी जतिन तोमर के रूप में हुई। जतिन मूल रूप से बागपत का रहने वाला है और पिछले कुछ सालों से दून में प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहा था। वह कुछ समय पूर्व तक वह कांग्रेस आईटी प्रकोष्ठ का सचिव भी रह चुका है, जबकि पकड़ी गई युवती नेपाल की रहने वाली है। उसे काउंसलिंग के लिए नैनीताल के एनजीओ विमर्श में भेजा गया है। युवती के अनुसार उसे पांच माह पहले नेपाल से यहां लाया गया था। इंस्पेक्टर वर्मा के अनुसार इनका सारा धंधा इंटरनेट के जरिए चलता था। इंटरनेट पर ही इनकी बुकिंग होती थी। जतिन के अनुसार आशीष और सक्षम नाम के दो युवक देहरादून के एक होटल से इस रैकेट को संचालित करते हैं। वह उन्हीं के लिए काम करता था। उनके तार स्टैला और उसके बेटे रॉबर्ट से भी जुड़े हैं। पुलिस इस पूरे रैकेट का पता लगा रही है। ये लोग दून, चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मुंबई सहित तमाम शहरों में लड़कियां सप्लाई करते थे, जिनके रेट 10 हजार से 70 हजार तक होते थे। ये लोग रसिया, नेपाल और बांग्लादेश की गरीब लड़कियों को नौकरी के बहाने यहां लाकर उन्हें इस धंधे में डाल देते थे।
देहरादून में तैयार होती हैं ‘ऐस्कॉट’
हल्द्वानी। 60-70 हजार में सप्लाई होने वाली ‘ऐस्कॉट’ (हाईप्रोफाइल कालगर्ल) देहरादून में तैयार की जाती हैं। पकड़ी गई नेपाली युवती ने कुछ ऐसे ही खुलासे किए, जिससे पुलिस भी हैरान है। उसने बताया कि उसे भी नेपाल के एक गांव से लाया गया था। तब वह काफी साधारण थी, लेकिन बाद में दिल्ली से दून लाकर उसका सारा हुलिया ही बदल दिया गया। उसे देहरादून में आईएसबीटी के पास किराए के एक मकान में वह कुछ अन्य लड़कियों के साथ रखा गया था।
उसने बताया कि नेटवर्क चलाने वाले लोग नेपाल, रसिया और बांग्लादेश से गरीब लड़कियों को नौकरी के नाम पर दिल्ली लाते थे। जहां से ज्यादातर को दून भेजा जाता था। जहां कई महीनों तक उन्हें पर्सनेलेटी डेवलेपमेंट, इंग्लिश स्पीकिंग, मेकअप, डेसिंग सेंस आदि के बारे में सारी जानकारी दी जाती थी। देहरादून के कुछ ब्यूटी पार्लरों में उनका हर सप्ताह मेकअप किया जाता है। उन्हें चलने, बातचीत करने, खाने-पीने और उठने-बैठने का ढंग तक सिखाया जाता था। उन्हें किराए के मकान में सारी सुविधाएं दी जाती थीं, जिससे इन गरीब लड़कियों का रहन-सहन पूरी तरह से रईसजादियों जैसा हो जाता था। ‘ऐस्काट गर्ल’ बनने के बाद इन्हें बड़े-बडे़ लोगों को सप्लाई किया जाता था। पकड़ी गई नेपाली युवती ने बताया कि उस मकान में चार और लड़कियां रह रही थीं, जिन्हें कुछ दिन पहले ही कहीं बुकिंग पर भेज दिया गया था, जबकि उसे अभी कुछ दिन बाद बुकिंग पर जाना था। उसने बताया उन्हें कई ऐसी लड़कियां ये सब सिखाती थीं जो मॉडलिंग से जुड़ी थीं।