हल्द्वानी। पुलिस विभाग के फारेंसिक एक्सपर्ट (कुमाऊं) डा. दयाल शरण के 15 वर्षीय बेटे ने शनिवार की सुबह नाश्ता करने के बाद मम्मी के कमरे की अंदर से कुंडी लगाकर संदिग्ध परिस्थितियों में लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। गले से सटाकर गोली चलाई गई है। गोली उसके दिमाग को चीरते हुए पार निकल गई। उसे गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
फारेंसिक एक्सपर्ट डा. शरण यहां बिठौरिया नंबर एक की शिव कालोनी में रहते हैं। वह 23 जून से हल्द्वानी से बाहर हैं। घर पर उनकी पत्नी रेनू, बड़ा बेटा देवेश, बेटी शैली और छोटा बेटा धीरज हैं। पुलिस के अनुसार शनिवार सुबह देवेश, शैली, धीरज ने मां रेनू के साथ नाश्ता किया। करीब साढ़े ग्यारह बजे धीरज अपनी मां के कमरे में गया और अंदर से कुंडी लगाकर उसने मां के पर्स से पिता की लाइसेंसी पिस्टल निकाली और गले से सटाकर खुद को गोली मार ली। गले से घुसी गोली धीरज के दिमाग को चीरते हुए निकल गई। जब कमरे से गोली चलने की आवाज आई तो डा. शरण की पत्नी और बच्चे कमरे की ओर दौड़ पड़े। कमरे की कुंडी अंदर से बंद होने पर रेनू ने कई आवाजें लगाई, लेकिन धीरज ने कोई जवाब नहीं दिया। अनहोनी की आशंका पर दरवाजे की कुंडी तोड़ी तो धीरज फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था। खून से सनी पिस्टल उसके बगल में पड़ी थी। पहले परिजन गंभीर धीरज को कार से मुखानी के एक अस्पताल ले गए। बाद में उसे नैनीताल रोड के एक अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, सीओ लोकजीत सिंह, कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने सीटी स्कैन कराकर दोपहर में उसका ऑपरेशन किया है। उसे लाइफ लाइन वेंटिलेटर पर रखा गया है। पुलिस ने फिलहाल मामले को संदिग्ध माना है।
- नाश्ता करने के बाद धीरज अपनी मां, भाई-बहन के साथ बैठकर टेलीविजन देख रहा था। इसी बीच वह सबके बीच से उठकर अपनी मां के कमरे में चला गया। किसी प्रकार की कोई बात नहीं थी, इसलिए किसी ने उसे कमरे मेें जाने से टोका नहीं था।
- एसपी सिटी, सीओ ने फारेंसिक एक्सपर्ट के घर पहुंचकर घटना वाले कमरे का निरीक्षण किया। .32 की लाइसेंसी पिस्टल कब्जे में लेकर खाली कॉर्टेज खोजा। पुलिस ने धीरज की कमीज भी कब्जे में ली है। उस कमरे को सील कर दिया है।