रामनगर। बाघिन की मौत की प्रारंभिक पड़ताल के बाद अब वन विभाग की उम्मीद खोजी कुत्ते पर टिकी है। जांच के लिए इस खोजी कुत्ते को बैलपड़ाव से मंगाया गया है। शनिवार को जंगलात ने ट्रक, डंपर स्वामियों के साथ ही कोसी-दाबका खनन कारोबार में शामिल चालकों से भी पूछताछ की। मौत की गुत्थी को सुलझा पाना विभाग के लिए चुनौती बना है।
यहां कार्बेट लेंडस्केप में बुधवार रात बाघिन का शिकार हुआ था। मारने के बाद उसका शव छोई गांव में दाबका किनारे फेंक दिया गया। वन विभाग ने शिकार की बात स्वीकारने के साथ शिकारियाें की तलाश शुरू की और कोसी-दाबका नदी में चलने वाले वाहन स्वामियों, चालकों से पूछताछ की। इसके बाद ही उनके पंजीकरण को वैधता देकर नदी में प्रवेश की अनुमति दी गई। शक के आधार पर खनन में लगे कारोबारियों और चालकों को जांच के दायरे में लिया गया है।
उपखनिज लाने वाले वाहनों को रोके जाने पर प्रशिक्षु आईएफएस नितीशमणि त्रिपाठी से कारोबारियों की नोंकझोंक भी हुई। वहीं, मामले की विवेचना कर रहे आरके वशिष्ठ ने बताया कि वन विभाग के प्रशिक्षित स्नीफर डॉग को मंगाया गया है। घटनास्थल से कुछ क्लू मिलने की उम्मीद है। वहीं वनकर्मियों ने गजपुर, छोई के ग्रामीण क्षेत्रों तथा इससे सटे वन क्षेत्रों में रहने वाले वन गूजरों और संदिग्ध लोगोें से पूछताछ की।