कालाढूंगी। लकड़ी तस्करों से मुठभेड़ के बाद वनकर्मियों ने सागौन के गिल्टों से भरी जिप्सी अपने कब्जे में ले ली। बरहैनी रेंज में हुई इस वारदात में लकड़ी तस्करों ने वनकर्मियाें पर कई फायर भी झोंके। जवाब में वन कर्मियों ने भी फायर किए और छह गिल्टे समेत जिप्सी कब्जे में ले ली।
कालाढूंगी रेंज के वनकर्मियों को मंगलवार की रात मोटेश्वर महादेव मंदिर के पास लकड़ी तस्करी की सूचना मिली। रेंजर जगजीवन राम आर्या ने वहां वनदरोगा गोपाल राम, वन बीट अधिकारी पूरन जोशी, जीवनराम को मौके पर भेजा। जांच में पाया गया कि उक्त घटनास्थल बरहैनी रेंज तराई केंद्रीय वन प्रभाग का था। जिस पर बरहैनी रेंज के राजि अधिकारी जगमोहन सिंह दोसाद भी दल, बल के साथ मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने मौके पर खड़ी जिप्सी नंबर डीएन 1 सी 4048 को कब्जे में ले लिया। इसमें सागौन के छह गिल्टे बरामद हुए। वह इसे कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय की ओर लाने लगे तो झाड़ियों में छिपे तस्करों ने जिप्सी छुड़ाने के लिए वनकर्मियों पर फायर झोंक दिया। जवाबी फायरिंग करते हुए वनकर्मियों ने भी करीब दस राउंड फायरिंग की। दोनों पक्षों में घंटेभर तक चले लुकाछिपी के खेल के बीच वनकर्मी उक्त जिप्सी को कब्जे में लाने की जुगत में थे। देर रात तक लकड़ी से भरी जिप्सी को वन परिसर में पहुंचाने की कोशिश जारी थी। देर रात तक वनकर्मी उक्त जिप्सी को रेंज परिसर में नहीं पहुंचा सके थे।