रामनगर (नैनीताल)। वन ग्राम विकास समिति के बैनर तले वन ग्रामों के ग्रामीणों ने तहसील परिसर में धरना दिया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें वन ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा, मूलभूत सुविधाएं देने की मांग की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर वह लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
समिति अध्यक्ष एस लाल की अगुवाई में ग्रामीणों ने कहा कि वन ग्राम सुंदरखाल, देवीचौड़ खत्ता, बेलघट्टी में विद्युतीकरण कराने में वन अधिनियम के आडे़ आने से प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उन्होंने छूटे विद्युतविहीन ग्रामों में भी अन्य की भांति विभाग को सौर ऊर्जा लगाने के लिए निर्देश देने को कहा। कहा कि ग्राम पूछड़ी नई बस्ती में नगरपालिका का कूड़ा निस्तारण के लिए वन विभाग की ओर से जो भूमि दी जा रही है, उससे वहां रहने वाले लोगों को परेशानी होगी। उन्होंने ट्रंचिंग ग्राउंड को आबादी क्षेत्र से अलग बनाने को कहा। आमडंडा खत्ता और अन्य ग्रामों में विद्युतीकरण के लिए पूर्व विधायक अमृता रावत ने विभाग को करीब ढाई करोड़ रुपये की राशि दी थी। कहा कि राशि विभाग के पास है। आमडंडा खत्ता का विद्युतीकरण कराने के लिए सीटीआर, शासन से अनापत्ति दिलाई जाए। ग्रामीणों ने आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन सीएम को भेजा। मांगें पूरी न होने पर उन्होंने आगामी लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करने की बात कही। इस दौरान चंदन राम, मो. ताहिर, गौरा देवी, हेमा टम्टा, पान सिंह रौतेला, गोपाल राम, शांति मेहरा, देवेंद्र सिंह आदि थे।
मांगें पूरी न होने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
वन ग्राम विकास समिति ने मांगी मूलभूत सुविधाएं