नैनीताल/हल्द्वानी। थर्टी फर्स्ट का जश्न मनाकर लौट रहे पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए नये साल का पहला दिन परेशानी भरा रहा। दोपहर बाद पर्यटकों की भीड़ बढ़ी तो परिवहन निगम की बस सेवा चरमरा गई। हल्द्वानी रूट पर बसों के चक्कर बढ़ाकर लोगों का लोड कम करने की कोशिश की लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। देर शाम तक पर्यटक और स्थानीय लोग बस के लिए ठंड में ठिठुरकर सीट के लिए जद्दोजहद करते रहे।
हल्द्वानी से नैनीताल/दिल्ली जाने के लिए मंगलवार को भीड़ रही। रोडवेज ने यात्रियों की संख्या देखते हुए नैनीताल रूट में आठ, दिल्ली रूट में पांच अतिरिक्त बसें भेजीं। घंटों इंतजार के बाद यात्री रवाना हुए। साल के पहले दिन नैनीताल जाने वाले यात्रियों की संख्या एकाएक बढ़ गई। यात्रियों की संख्या बढ़ने से बसें कम पड़ गईं। भीड़ देखते हुए निगम प्रबंधन ने नैनीताल रूट की बसों के फेरे बढ़ाकर, आठ अतिरिक्त बसें भेजकर किसी तरह स्थिति को संभाला। कुमाऊं से थर्टी फर्स्ट मनाकर दिल्ली लौट रहे यात्रियों के चलते दिल्ली रूट की बसें भी कम पड़ गईं। रोडवेज प्रबंधन ने किसी तरह पांच अतिरिक्त बसों का इंतजाम कर यात्रियों को दिल्ली भेजा।
नैनीताल/दिल्ली जाने के लिए उमड़ी भीड़
रोडवेज ने नैनीताल रूट में आठ और दिल्ली रूट में पांच अतिरिक्त बसें भेजी
नैनीताल। टैक्सी चालकों ने काटी चांदी
पर्यटकों की भीड़ बढ़ने और बसों का बेड़ा कम होने का फायदा टैक्सी चालकों ने जमकर उठाया। नैनीताल से हल्द्वानी प्रति व्यक्ति 250 से 300 रुपये किराया वसूला गया, जबकि नैनीताल से हल्द्वानी के लिए परिवहन निगम की सामान्य बस में 65 रुपये, परिवहन निगम की टैक्सी में 85 रुपये और टैक्सी में सामान्य किराया 100 रुपये है।