हल्द्वानी। दिवाली से पहले ही रोडवेज के इंतजामों की पोल खुल गई। रविवार को दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी तो पर्वतीय रूट की बसें हटाकर उन्हें दिल्ली की ओर भेज दिया गया। इससे पहाड़ की ओर जाने वाले यात्री परेशान हो गए। वहीं, पर्वतीय रूटों पर यात्रियों का दबाव देखते केमू ने कई अतिरिक्त बसों को पहाड़ भेजा है।
परिवहन निगम के पास करीब 1100 बसों का बेड़ा है, इन बसों के जरिए सेवा देनी होती है। सामान्य दिनों में तो जैसे-तैसे सेवाएं संचालित हो जाती है पर होली, दिवाली जैसे त्योहारों पर यात्रियों का दबाव बढ़ता है, तो सारे इंतजाम नाकाफी साबित होते हैं। इस बार भी स्थितियां पुरानी जैसी है, सबसे ज्यादा दिल्ली रूट पर दबाव है जिसे देखते हुए रोडवेज ने पर्वतीय रूटों पर संचालित 10 बसों को हटाकर दिल्ली रूट पर भेजा गया है। इससे पहाड़ जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पर्वतीय रूटों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने पर निजी क्षेत्र की केमू ने कई अतिरिक्त बसों को पहाड़ में संचालित कर मुसाफिरों को राहत देने की कोशिश की है। आरएम नैनीताल रीजन यशपाल के अनुसार दिल्ली रूट पर यात्रियों के दबाव के मद्देनजर अतिरिक्त बसों को भेजा गया है।
जाम ने रोकी बसों की रफ्तार
दिल्ली पिलखुवा के पास जाम लगने से दिल्ली से आने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस कारण बसें हल्द्वानी आधे से तीन घंटे लेट हल्द्वानी बस अड्डे पहुंची। उधर र्कई बसों ने जाम के चलते अपने मार्ग में परिवर्तन कर 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय की।