हल्द्वानी। जलसंस्थान के शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट की शोधन क्षमता कमजोर हो गई है। गौला में मामूली सिल्ट आने पर ट्रीटमेेंट प्लांट में घंटों पेयजल का शोधन नहीं हो पाता है। इस कारण शहर की पेयजल सप्लाई बाधित हो रही है। जलसंस्थान ट्रीटमेंट प्लांट की मौजूदा स्थिति में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं कर पा रहा है।
जलसंस्थान के शीशमहल में पांच ट्रीटमेंट प्लांट हैं। तीन प्लांट 1960 में बनाए गए थे। चौथा प्लांट 1978 और पांचवां 1990 में बनाया गया। तब से ट्रीटमेंट प्लांटों का न तो पुनर्गठन किया गया है और न ही नए ट्रीटमेंट प्लांट बनाए गए हैं। पुराने पड़ चुके सिस्टम की तमाम मशीनें ठीक से काम नहीं कर रही हैं। पेयजल शोधन करने वाला सिस्टम कमजोर हो गया है। इस कारण गौला से मिलने वाले कच्चे पानी का शोधन काफी धीमी गति से हो रहा है। इस वजह से ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक पूरे नहीं भर पा रहे हैं। टैंकों में पर्याप्त पानी नहीं होने से पेयजल योजना के टेल के इलाकों दमुवाढूंगा, बिठौरिया, लालडांठ, ऊंचापुल, कुसुमखेड़ा, बरेली रोड समेत तमाम इलाकों में पेयजल आपूर्ति बाधित है। शनिवार को भी इन इलाकों की पेयजल आपूर्ति बाधित रही।
ट्रीटमेंट प्लांट की जल शोधन क्षमता कम होने से वर्षाकाल में यदा कदा कम दाब पर पेयजल आपूर्ति होने की आशंका रहती है। बावजूद इसके विभाग का प्रयास रहेगा कि लोगों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जाए। पेयजल संकट की स्थिति को लोगों को समय पर पर्याप्त भंडारण कर लेना चाहिए।
- संतोष कुमार उपाध्याय, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान