हल्द्वानी। घायल बुजुर्ग को सड़क से अस्पताल पहुंचाने पर यातायात निदेशालय ने एक रिक्शा चालक को प्रशस्तिपत्र के साथ पांच सौ रुपये से सम्मानित किया है। अस्पताल में मदद करने वाले सीपीयू के दरोगा और सिपाही भी सम्मानित किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर आम नागरिकों को सम्मानित करने का निर्णय दिया था।
बरसाती नहर के पास 12 फरवरी को एक बुजुर्ग बेहोशी की हालत में पड़े थे। वहां से गुजर रहे रिक्शा चालक बरेली जिले के शेरगढ़ निवासी इकबाल वृद्ध को बेस अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने वृद्ध को भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी पर सीपीयू दरोगा अयूब अली और सिपाही राजेंद्र सिंह धामी ने बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया। वृद्ध के पास से 1240 रुपये और फोन नंबर मिला। इस पर पता चला कि वृद्ध अल्मोड़ा जिले के बासगांव कठपुड़िया निवासी भुवन चंद्र हैं। डाक्टरों के उपचार से भुवन चंद्र ठीक हो गए और परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। इस मामले की जानकारी पर यातायात निदेशक केवल खुराना ने सीपीयू दरोगा अयूब और राजेंद्र को ट्रैफिक ऑफ मंथ घोषित किया।
सीपीयू प्रभारी हरकेश सिंह ने बताया कि यातायात निदेशालय से रिक्शा चालक और सीपीयू के दो जवानों के लिए प्रशस्तिपत्र आया था। रिक्शा चालक को सोमवार को प्रशस्तिपत्र के साथ 500 रुपये के साथ सम्मानित किया गया है।