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आर्थिक तंगी से परेशान ठेकेदार ने खुदकुशी की

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अंबा दत्त पांडे का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। गेठिया गांव में आर्थिक तंगी से परेशान ठेकेदार ने अपनी कार में जहर खाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में उसने ठेके में अपने पार्टनर पर 20 लाख हड़पने का आरोप लगाया है। ठेकेदार के भाई का कहना है कि उसने पार्टनर से पैसे वसूलने के लिए कई बार दौड़ लगाई लेकिन पार्टनर ने नहीं सुनी। पुलिस खुदकुशी के पीछे पैसे के लेनदेन को कारण मानते हुए मामले की जांच कर रही है।
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तल्ला गेठिया निवासी अंबा दत्त पांडे (51) पुत्र स्व. हरिदत्त पांडे बुधवार शाम चार बजे पायलट बाबा आश्रम के करीब 500 मीटर आगे सड़क किनारे बेसुध पड़े थे और उल्टी कर रहे थे। पास में उनकी कार (यूए 04 ई2591) खड़ी थी। उसका दरवाजा खुला था। भवाली से लौट रहे बेलवाखान के पूर्व प्रधान हरीश भट्ट की उन पर नजर पड़ी तो इसकी सूचना स्थानीय लोगों को दी। इस बीच अंबादत्त का भतीजा रवि पांडे भी मौके पर पहुंच गया। वह अंबा दत्त को हरीश भट्ट की कार से ही ज्योलीकोट लेकर आया। यहां से 108 एंबुलेंस से सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अंबादत्त को मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने कहा कर्ज में डूबा था
परिजनों के अनुसार अंबा दत्त पांडे कर्ज में डूबने के चलते बेहद तनाव में थे। उन्होंने कई लोगों के साथ ही भवाली के एक बैंक से कर्ज लिया था। हालांकि कितना कर्ज था इसकी जानकारी छोटे भाई तक को नहीं है। अंबा दत्त की दो बेटियां दिव्या, उर्वशी और बेटा कार्तिक है। पति की मौत के चलते पत्नी ममता पांडे की हालत खराब हो गई है।
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सुसाइड नोट
अंबा दत्त के सबसे छोटे भाई विशंभर पांडे के अनुसार सुसाइड नोट में गौलापार के एक ठेकेदार का नाम है। उन्होंने पार्टनर पर 20 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। छोटे भाई का कहना था कि पैसा लेने के लिए उसने पार्टनर से कई बार गुहार लगाई लेकिन उसने पैसा नहीं दिया। सुसाइड नोट में भाई ने इसका जिक्र किया है। ठेकेदार मौत का जिम्मेदार उसी ठेकेदार को बताते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के कारण उसके बच्चों की पढ़ाई तक छूट गई है। वह बार-बार टरका रहा था। हालंाकि पुलिस ने जांच शुरू करने के बाद सुसाइड नोट की जानकारी देने की बात कही है।

मकान बिकाऊ कर छह महीने पहले रुद्रपुर चले गए थे
अंबा दत्त पांडे कुछ वर्ष पहले नामी ठेकेदार हुआ करते थे। उन्होंने तल्ला गेठिया स्थित अपने पुस्तैनी मकान को बिकाऊ घोषित कर रखा था। छह महीने वह पहले पत्नी और तीनों बच्चों के साथ रुद्रपुर में शिफ्ट हो गए। परिजनों के अनुसार वह वहां एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहे थे।
घटना पैसे के लेनदेन से जुड़ी
चौकी प्रभारी दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि घटना पैसे के लेनदेन से जुड़ी है। घटना का शिकार ठेकेदार अंबादत्त पांडे आर्थिक रूप से परेशान था। वह अपने बच्चों की फीस तक जमा नहीं कर सका था। पुलिस सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर घटना की गहराई से छानबीन कर रही है।
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अपनी कार में खाया जहर, सुसाइड नोट में पार्टनर पर 20 लाख हड़पने का लगाया आरोप
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