हल्द्वानी। संचार मंत्रालय ने डाक टिकट संग्रह को प्रोत्साहन देने के लिए दीनदयाल स्पर्श योजना शुरू की है। यह पूरे भारत के स्कूली बच्चों के लिए शुरू की गई छात्रवृत्ति योजना है। स्पर्श योजना के तहत कक्षा छह से नवीं तक ऐसे बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाएगी, जिनका शैक्षणिक परिणाम अच्छा हो और डाक टिकट संग्रह को एक रुचि के रूप में चुना गया हो। यह योजना संचार मंत्री द्वारा 14 नवंबर 2017 को शुरू की गई है।
योजना के तहत सभी डाक सर्किलों में प्रतियोगी प्रक्रिया के तहत डाक टिकट संग्रह में रुचि रखने वाले छात्रों का चयन किया जाएगा। योजना के शुरू में 920 छात्रवृत्तियां देने का प्रस्ताव है। छात्रवृत्ति के लिए प्रत्येक डाक सर्किल से कक्षा छह से नौ तक के 40 छात्रों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक कक्षा से 10-10 छात्रों का चयन होगा। योजना में छात्रवृत्ति के लिए बच्चों को पंजीकृत स्कूल का छात्र होना चाहिए और उस स्कूल का डाक टिकट संग्रह क्लब होना चाहिए। छात्र को क्लब का सदस्य होना चाहिए। जिस स्कूल में डाक टिकट संग्रह क्लब नहीं है लेकिन छात्र डाक टिकट संग्रह करता है तो उसे भी योजना में शामिल किया जाएगा। सहायक डाक अधीक्षक नैनीताल आरके बिनवाल ने स्पर्श योजना डाक टिकट पर किए गए परियोजना कार्य और प्रश्नोत्तरी पर आधारित होगी। छात्रवृत्ति के लिए चयनित छात्र को पांच सौ रुपये प्रतिमाह या छह हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाएगी। योजना में शामिल होने के लिए डाक टिकट संग्रह करने वाले छात्र को प्रतिवर्ष आवेदन करना होगा। डाक टिकट संग्रह पर ऐसे बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाएगी, जिन्होंने कक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों। अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्रों को पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
संचार मंत्रालय ने शुरू की दीन दयाल स्पर्श योजना
डाक टिकट संग्रह के प्रोत्साहन के लिए बनाई योजना