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त्योहार में ही क्यों याद आते हैं छापे

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हल्द्वानी। खाद्य विभाग अचानक सक्रिय हो गया है। उसे शहर में नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों के बेचे जाने की याद आ गई है। ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे हैं। मिल कुछ नहीं रहा। बस नमूने ले लेने की औपचारिकता निभाई जा रही है। ऐसा हर साल होता है। दो साल में 150 नमूने लिए गए मगर फेल 13 ही हुए। आखिर नकली मावा हल्द्वानी में कौन मंगवाता है और किसी बड़े के गिरेबान तक जिला प्रशासन एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों का हाथ क्यों नहीं पहुंचा। यह बड़ा सवाल है।
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हल्द्वानी में दीपावली और होली का त्योहार आने से पहले ही मिलावटी मावा आना शुरू हो जाता है। विभाग के अधिकारी मिलावटी मावा पकड़कर अपनी पीठ थपथपाने में जुट जाते हैं। विभाग के अधिकारियों को यह नहीं पता चल सका कि मिलावटी मावा आखिर कौन मंगवा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी केसी टम्टा ने बताया कि हल्द्वानी में पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न खाद्य पदार्थों के 150 नमूने लिए गए, जिसमें से महज 13 फेल हुए। उन्होंने बताया कि मिठाई के 40 नमूनों में से एक भी फेेल नहीं हुआ, जबकि मावा का पिछले ढाई वर्षों में मात्र एक नमूना फेल हुआ। सवाल यह है कि जब मावा ठीक है और नमूना फेल नहीं हो रहे हैं तो विभाग के अधिकारी मिलावटी मावा पकड़कर अपनी पीठ क्यों थपथपाते हैं। मिठाई पूरे वर्ष बिकती है और ऐसे में विभागीय अधिकारियों को मिलावटी मावा पकड़ने की याद त्योहार से एक सप्ताह या 15 दिन पहले क्यों आती है।

मिलावटी मावा कौन मंगवा रहा है खाद्य विभाग के अधिकारियों को यह पता लगाने को कहा गया है। रोडवेज की बसों में अगर मिलावटी मावा आ रहा है तो उसके लिए परिचालक जिम्मेदार होगा। परिचालक को पता होता है कि माल किसका है। सोमवार से वृहद छापेमारी होगी।
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- दीपेंद्र कुमार चौधरी, डीएम नैनीताल।
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