हल्द्वानी। नीलकंठ हास्पिटल और ऑब्स एवं गायनी सोसायटी की ओर से लेप्रोस्कोपी व हिस्टोस्कोपी तकनीक से सर्जरी पर विमर्श किया गया। बड़े डाक्टरों के साथ मिलकर नीलकंठ हास्पिटल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेक्षा पांडे ने 10 बड़े ऑपेरशन किए।
रविवार को एम्स दिल्ली की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू मिश्रा, ट्यूलिप हास्पिटल सोनीपत के जनरल सर्जन डॉ. अखिल सक्सेना और डॉ. पांडे ने नीलकंठ हास्पिटल में दस बड़े एवं जटिल आपरेशन किए। 23 वर्षीय एक महिला के भीतर पनप रहे जानलेवा ट्यूमर को निकाला गया। ऑपरेशन के बाद भी उसके चीरे का कोई निशान नहीं आया। एक महिला को 16 वर्षों से बच्चे नहीं हो रहे थे। महिला के ब्लाक हो चुके ट्यूब को बिना चीरा लगाए ही खोला गया। एक महिला की बच्चेदानी बाहर आने के कारण बच्चे नहीं हो रहे थे। बिना चीरा लगाए महिला का ऑपरेशन किया गया। सभी ऑपरेशन को रामपुर रोड स्थित एक होटल में उपस्थित अन्य स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों ने सजीव प्रसारण देखा। सामूहिक चर्चा में लेप्रोस्कोपी एवं हिस्टोस्कोपी का महत्व बताया गया साथ ही आने वाली जटिलताओं पर विमर्श किया गया। इस दौरान डॉ. सावित्री सिंह, डॉ. गीता जैन, डॉ. मधु किरण, डॉ. भागीरथी जोशी, डॉ. अपराजिता रावल, डॉ. श्रद्धा प्रधान स्याना आदि थीं।