पब्लिक स्कूलों को सफाई देने के लिए बुलाई बैठक में दो अभिभावक ने उन्हें कठघरे में खड़ा कर दिया। आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गोनिया ने पर्ल्स की किताब दिखाते हुए बताया कि यह इस किताब की कीमत 230 रुपए वसूली गई, जब उन्होंने किताब का स्टीकर हटाकर देखा तो उसकी वास्तविक कीमत केवल 85 रुपए थी। गोनिया ने कहा कि यह किताब बियरशिवा स्कूल से खरीदी। किताबों की कीमत में यह खेल उजागर होने के बाद स्कूल संचालक बगले झांकने लगे तथा किताबों की कीमत से स्वयं को अलग बताया।
बैठक में इस बात पर भी विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने स्कूलों को घेरा तो फिर हंगामा हो गया। गोनिया ने चेताया यदि स्कूल प्रबंधन ने उसके बच्चे का उत्पीड़न किया तो वह स्कूल के सामने धरना देंगे। इसके बाद दूसरे अभिभावक खीमानंद जोशी ने एक बच्चे की ड्रेस लहराते हुए आरोप लगाया कि यह ड्रेस सरस्वती एकेडमी की है, ड्रेस की कीमत 1100 रुपए वसूली गई, जबकि कपड़े की क्वालिटी खुद देखी जा सकती है। इस पर विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता कार्रवाई करने की मांग करने लगे। किसी तरह सिटी मजिस्ट्रेट ने फिर शांत किया। बाद में हेमंत गोनिया ने प्रेस को बताया कि वह शुक्रवार को बुकसेलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे। उन्होंने स्कूलों की मनमानी को लेकर एक ज्ञापन भी दिया।