भीमताल (नैनीताल)। सिंचाई शोध संस्थान (आईआरआई) रुड़की के वैज्ञानिकों ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी नौकुचियाताल, भीमताल की झीलों का डाटा जुटाया।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि वह छह दिन यहां रहकर सर्वे करेंगे। इस दौरान भीमताल, नौकुचियाताल की झीलों की गहराई, लंबाई, मलबे के असर का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे ताकि झील में जमा सिल्ट से सूख रहे स्रोतों का भी पता चल सके। सिंचाई विभाग के एई डीसी पंत ने बताया कि आईआरआई के वैज्ञानिकों से मिलने वाली रिपोर्ट से झील की विस्तृत जानकारी मिल पाएगी। अगली कार्ययोजना में इसी रिपोर्ट के आधार पर सुधार, बदलाव किया जा सकेगा। पंत ने बताया कि रुड़की के वैज्ञानिकों की टीम पहले भी भीमताल, नौकुचियाताल, सातताल झीलों का सर्वे कर चुकी है। दो दिन भीमताल की झील की पड़ताल के बाद शुक्रवार को वैज्ञानिकों की टीम नौकुचियाताल झील का सर्वे करेगी।
झील की गहराई, लंबाई की जांच में जुटे वैज्ञानिक
रुड़की के वैज्ञानिक भीमताल, नौकुचियाताल झील का करेंगे सर्वे
छह दिन चलेगा भीमताल में सर्वे का कार्य