नैनीताल। पेयजल में कटौती का असर नैनी झील के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार जलस्तर दो फुट ज्यादा है। इसको लेकर प्रशासन और सिंचाई विभाग जलस्तर में और सुधार की योजना बना रहा है।
सरोवर नगरी में पेयजल का एकमात्र साधन नैनी झील है। दो साल पहले नैनी झील के जलस्तर में जबरदस्त गिरावट आई थी। इसके बाद जिला प्रशासन के साथ-साथ शासन भी हरकत में आ गया। झील को बचाने के लिए नगरवासियों के पेयजल में कटौती का फैसला लिया गया। इसके बाद साल 2017 में पेयजल में सुधार देखा गया।
साल 2016 में 10 दिसंबर को जहां झील का जलस्तर 3.60 फुट था, वहीं कटौती के बाद साल 2017 में दस दिसंबर को जलस्तर 6.20 फुट पहुंच गया। पेयजल में काफी सुधार हो गया। नवंबर 2018 में डीएम विनोद कुमार सुमन ने साल 2017 की तर्ज पर पेयजल में कटौती करने का आदेश जारी किया। इसके बाद कुछ नेताओं में असंतोष फैल गया। सत्ताधारी पार्टी के एक पदाधिकारी की डीएम की रार हो गई। कई मंत्रियाें ने पानी में कटौती ना करने की मांग की। इतने विरोध के बाद भी डीएम ने पेयजल कटौती का आदेश वापस नहीं लिया और नतीजा बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष झील का जलस्तर दो फुट ज्यादा रहा। दस दिसंबर 2018 को नैनी झील का जलस्तर 8.1 फुट मापा गया।
पेयजल में कटौती से झील का जलस्तर दो फुट सुधरा
बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार दो फुट ज्यादा है जलस्तर