हल्द्वानी। बारिश से गेहूं की फसल को हुए भारी नुकसान के बावजूद नुकसान के सर्वे की प्रारंभिक रिपोर्ट किसानों के लिए चिंताजनक है। अब तक हुए सर्वे में गेहूं को करीब 20 फीसदी तक ही नुकसान की बात सामने आई है। नुकसान का प्रतिशत इतना ही रहा तो मंडल के हजारों किसानों मुआवजे से वंचित होना पड़ेगा।
पिछले हफ्ते मंडल भर में हुई बेमौसम बारिश के कारण हल्द्वानी, गौलापार, नंधौरघाटी, लामाचौड़, हल्दूचौड़, बिंदुखत्ता, कालाढूंगी, कोटाबाग समेत आसपास के सैकड़ों गांवों में गेहूं की फसल खराब हो गई थी। किसानों के प्रदर्शन के बाद मंडलायुक्त ने कृषि, उद्यान और राजस्व विभाग को न्याय पंचायत स्तर पर नुकसान का सर्वे करने को कहा था। कई गांवों में सर्वे पूरा हो चुका है।
अब तक हुए सर्वे में मंडल के अधिकतर गांवों में मात्र 15-20 फीसदी गेहूं के नुकसान की बात ही सामने आई है। सर्वे की फाइनल रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है। प्रारंभिक सर्वे किसानों के लिए चिंता का सबब है। यदि फाइनल रिपोर्ट में भी नुकसान का प्रतिशत यही रहा तो कई किसान मुआवजे के हकदार नहीं होंगे क्योंकि मुआवजा तभी मिलता है जबकि नुकसान का प्रतिशत 33 फीसदी से अधिक हो।
प्रारंभिक सर्वे में करीब 20 प्रतिशत फसल के नुकसान होने का अनुमान
33 प्रतिशत फसल के नुकसान का है मानक मुआवजे के लिए
अब तक हुए सर्वे में 15 से 20 फीसदी नुकसान की सूचना है। फाइनल रिपोर्ट आने दीजिए, उसके बाद ही गेहूं की फसल को हुए नुकसान का सही सही पता चलेगा। मुआवजा और राहत राशि के बारे में भी उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- पीके सिंह संयुक्त निदेशक कृषि कुमाऊं मंडल